राजनगर थाना क्षेत्र में गौशाला के पीछे स्थित जमीन को लेकर हुए विवाद के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग और अंकित मिश्रा शामिल हैं। मामले में एक नामजद आरोपी समेत एक अन्य आरोपी अब भी फरार है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कोड़ा में मंगलवार को फायरिंग का मामला सामने आया। पीड़ित किसान मोतीलाल कुशवाहा ने आरोप लगाया कि बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग ने उन्हें गोली मारी। घायल किसान का दावा है कि क्षेत्र के किसानों पर जमीन बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि जो किसान जमीन बेचने से इनकार करते हैं, उन्हें धमकाया और मारपीट की जाती है। मोतीलाल कुशवाहा के अनुसार, इसी विवाद के दौरान उन पर गोली चलाई गई, जिससे वे घायल हो गए।
क्या कहा बाबा बागेश्वर ने?
पूरे मामले को लेकर बाबा बागेश्वर ने कहा कि शालिग्राम से उनका कोई लेना-देना नहीं है और यह बात वे तीन साल पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने अपील की कि हर घटना में उनका नाम नहीं जोड़ा जाए। बाबा बागेश्वर ने कहा कि उनका परिवार केवल जैविक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा समाज और पूरा विश्व ही उनका परिवार है। वे समाज, राष्ट्र और सनातन धर्म के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि छतरपुर जिला और उनका परिवार बहुत बड़ा है, इसलिए कहीं न कहीं घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे मामलों को व्यक्तिगत रूप से उनसे जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस किसी ने भी अपराध किया है, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। “जो दोषी है, उसे कानून कठोर से कठोर दंड दे और भगवान भी उसे दंड दें।” उन्होंने कहा कि उन्हें पूरे मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है, इसलिए वे तथ्यों पर टिप्पणी नहीं करेंगे।


