02:05 PM, 14-Jul-2026

चालू हुआ ईरान का अक्काला रेल कॉरिडोर
अमेरिकी हवाई हमले में क्षतिग्रस्त होने के कुछ ही दिनों बाद ईरान के गोलिस्तान प्रांत स्थित रणनीतिक महत्व वाले अक्काला रेलवे पुल को मरम्मत के बाद दोबारा चालू कर दिया गया है। स्थानीय मीडिया एसएनएन के अनुसार इस पुल पर ट्रेन सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं। ईरानी अधिकारी इसे देश का सबसे महत्वपूर्ण ट्रांजिट कॉरिडोर बताते हैं, जो तेहरान को तुर्कमेनिस्तान और चीन की दिशा से जोड़ता है। ईरानी अखबार कयहान के मुताबिक इस मार्ग का इस्तेमाल रूसी माल ढुलाई के लिए भी किया जाता है, जबकि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद चीन ने अस्थिर समुद्री मार्गों से बचने के लिए इस रेल मार्ग पर निर्भरता बढ़ा दी है। अमेरिकी हमलों में ईरान के सैन्य ठिकानों के साथ-साथ रेलवे लाइन, पुल और अन्य अहम परिवहन ढांचों को भी निशाना बनाया गया था।
01:38 PM, 14-Jul-2026
ओमान में जहाज पर मिसाइल से हमला
ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार, ओमान के लिमाह क्षेत्र के दक्षिण-पूर्व में समुद्री मार्ग से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर मिसाइल से हमला किया गया है। घटना के बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल हमले से हुए नुकसान, टैंकर की स्थिति या किसी संभावित हताहत के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
12:10 PM, 14-Jul-2026
होरमुज में दो जहाजों की टक्कर
होरमुज जलडमरूमध्य में केश्म द्वीप के उत्तर में दो जहाजों की टक्कर के बाद ईरान ने एक बल्क कैरियर के 23 विदेशी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया। अर्ध-सरकारी फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, टक्कर में बल्क कैरियर के ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा और उसमें पानी भरने लगा। स्थिति बिगड़ने पर जहाज के कप्तान ने तत्काल आपातकालीन निकासी का आदेश दिया, जिसके बाद सभी 23 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित रूप से केश्म द्वीप पहुंचा दिया गया।
12:03 PM, 14-Jul-2026
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संसद में बिल पेश
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और उसके प्रबंधन को लेकर संसद में ‘स्ट्रैटेजिक एक्शन फॉर द सिक्योरिटी एंड सस्टेनेबल प्रोग्रेस ऑफ द स्ट्रेट ऑफ होरमुज एंड द पर्शियन गल्फ’ नामक विधेयक औपचारिक रूप से पेश किया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह कदम अमेरिकी ड्रोन गिराए जाने की घटना के साथ ही उठाया गया है। अजीजी ने कहा कि ईरान अपनी ‘रेड लाइन्स’ की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, खासकर होरमुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन के मुद्दे पर। उन्होंने इसे पहला कदम बताते हुए संकेत दिया कि आने वाले समय में इस दिशा में और भी कदम उठाए जाएंगे।
11:58 AM, 14-Jul-2026
जॉर्डन पर हमलों की लेबनान ने की निंदा
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने खाड़ी देशों और जॉर्डन पर हाल में हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करने की साजिश बताया है। जारी बयान में उन्होंने विशेष रूप से सऊदी अरब पर हुए हालिया हमले को ‘घोर निंदनीय’ बताते हुए कहा कि ऐसे शत्रुतापूर्ण कदम केवल सऊदी अरब और अन्य प्रभावित देशों की संप्रभुता व सुरक्षा को ही निशाना नहीं बनाते, बल्कि पूरे अरब खाड़ी क्षेत्र को लगातार तनाव और अस्थिरता में रखने की कोशिश करते हैं। राष्ट्रपति आउन ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां उन ताकतों के एजेंडे का हिस्सा हैं जो अरब देशों और उनकी जनता के हित में नहीं हैं। उन्होंने लेबनान की ओर से सरकार और जनता दोनों के स्तर पर सऊदी अरब, सभी खाड़ी देशों और जॉर्डन के प्रति पूर्ण एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया।
11:49 AM, 14-Jul-2026
भारतीय नाविक की मौत पर विदेश मंत्रालय सख्त
होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारी जहाजों पर हाल में हुए हमले के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) ने ईरान के उप मिशन प्रमुख (डीसीएम) मोहम्मद जवाद हुसैनी को तलब किया। मंगलवार को दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय पहुंचने के बाद ईरानी राजनयिक वहां से रवाना हुए। इससे एक दिन पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हुए ईरानी हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी, जबकि छह अन्य भारतीय घायल हुए थे। इस घटना के बाद भारत ने अपनी गंभीर चिंता ईरानी पक्ष के समक्ष दर्ज कराई और मामले को लेकर जवाब मांगा।
10:38 AM, 14-Jul-2026
जॉर्डन पर हमले का ईरान ने किया दावा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी एयरबेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा जारी आईआरजीसी के बयान में कहा गया कि यह हमला अमेरिकी सेना की एक महत्वपूर्ण सैन्य सुविधा पर किया गया, जिसका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए किया जा रहा था। बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई ‘अमेरिकी अपराधियों’ को उनके कदमों की सजा देने के उद्देश्य से की गई। इससे पहले ईरान और जॉर्डन दोनों ने इस हमले की पुष्टि की थी। वहीं, जॉर्डन की सशस्त्र सेनाओं ने कहा कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली चार बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया।
10:34 AM, 14-Jul-2026
अमेरिका के 20 प्रतिशत टैरिफ पर भड़का ब्राजील
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस योजना की कड़ी आलोचना की है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क (टैरिफ) लगाने की बात कही गई है। साओ पाउलो में सोमवार को दिए अपने बयान में लूला ने इसे ‘समुद्री डकैती’ करार देते हुए कहा, ‘पहले के समय में इसे समुद्री डकैती कहा जाता था। अमेरिका जैसा बड़ा देश, जिसने वर्षों तक समुद्री डकैती के खिलाफ लड़ाई लड़ी, अब खुद समुद्री डाकू की तरह व्यवहार नहीं कर सकता।’
09:48 AM, 14-Jul-2026
जॉर्डन ने ईरान की चार मिसाइलें मार गिराईं
जॉर्डन की सशस्त्र सेनाओं ने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली ईरान से दागी गई चार मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया। सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा के अनुसार, मिसाइलों को जॉर्डन के वायु रक्षा तंत्र ने समय रहते इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया, जिससे किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है और पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। हालांकि, जॉर्डन की सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि मिसाइलों का लक्ष्य उसका क्षेत्र था या वे किसी अन्य दिशा में जा रही थीं।
09:45 AM, 14-Jul-2026
ट्रंप ने कांग्रेस को दी सैन्य कार्रवाई की जानकारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस को औपचारिक रूप से सूचित किया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान 7 जुलाई से दोबारा शुरू हो गया है और कई महीनों से लागू युद्धविराम अब समाप्त हो चुका है। सीबीएस न्यूज के अनुसार, ट्रंप ने सीनेट के कार्यवाहक अध्यक्ष चक ग्रासली को भेजे पत्र में कहा कि अमेरिकी हमले सीमित, सुनियोजित और नागरिकों को न्यूनतम नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमले कर दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन किया, जिसके बाद अमेरिका ने जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना जरूरत पड़ने पर आगे भी हमले जारी रखेगी। इस बीच अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी फिर लागू करने का ऐलान किया है, जबकि अन्य देशों के जहाजों को हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति होगी। वहीं ईरान ने अमेरिकी हस्तक्षेप को खारिज करते हुए चेतावनी दी है कि उसकी अनुमति के बिना हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका नहीं ले सकता और किसी भी सैन्य कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया जाएगा।

