Vaishno Devi in Monsoon: वैष्णो देवी की यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालु करते हैं. कुछ लोग छुट्टियों का फायदा उठाकर मानसून के मौसम में भी यहां जाने का प्लान बनाते हैं. बारिश के दौरान कटरा और त्रिकुटा पहाड़ियों का नजारा बहुत खूबसूरत दिखाई देता है. चारों तरफ हरियाली और ठंडी हवाएं सफर को यादगार बना देती हैं.
हालांकि, इस मौसम में ट्रैवलिंग के दौरान कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं. ऐसे में अगर आप मानसून में वैष्णो देवी जाने की सोच रहे हैं, तो पहले कुछ जरूरी बातों के बारे में जरूर जान लें.
मानसून में वैष्णो देवी का मौसम कैसा रहता है?
जुलाई से सितंबर के बीच कटरा और आसपास के इलाकों में अच्छी बारिश होती है. बारिश की वजह से मौसम काफी सुहावना हो जाता है और गर्मी से राहत मिलती है. लेकिन कई बार तेज बारिश के कारण रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं. ऐसे में यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होता है.

Vaishno Devi in Monsoon: बारिश में यात्रा के फायदे
अगर आपको भीड़ से बचकर यात्रा करना पसंद है, तो मानसून अच्छा ऑप्शन हो सकता है. इस समय कई दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य सीजन की तुलना में कम रहती है. पहाड़ों पर फैली हरियाली, बादलों से घिरे रास्ते और ठंडी हवा यात्रा का अनुभव और भी खास बना देते हैं. जो लोग प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करते हैं, उन्हें यह मौसम काफी पसंद आ सकता है.

इन चुनौतियों के लिए रहें तैयार
बारिश के दौरान फिसलन, तेज हवा और कभी-कभी लैंडस्लाइड जैसी स्थिति भी बन सकती है. भारी बारिश होने पर कुछ समय के लिए यात्रा प्रभावित हो सकती है. इसलिए निकलने से पहले मौसम की पूरी जानकारी जरूर देख लें. अगर मौसम बहुत खराब हो, तो यात्रा टालना ही बेहतर रहेगा.
Vaishno Devi in Monsoon: बैग में जरूर रखें ये जरूरी सामान
1. वाटरप्रूफ गियर साथ रखें
इस मौसम में पहाड़ों पर कभी भी बारिश शुरू हो सकती है. इसलिए अपने बैग में अच्छी क्वालिटी का रेनकोट या छाता जरूर रखें. साथ ही, अपने कीमती सामान जैसे फोन, पैसे और आधार कार्ड को बचाने के लिए प्लास्टिक के जिप-लॉक पाउच का इस्तेमाल करें.
2. सही जूतों का चुनाव है जरूरी
चढ़ाई के दौरान फिसलन से बचने के लिए ऐसे जूते पहनें जिनकी ग्रिप अच्छी हो. नए या बिल्कुल सपाट तलवे वाले जूते पहनकर चढ़ाई करने की गलती न करें, इससे चोट लगने का डर रहता है.
3. मौसम का अपडेट लेते रहें
घर से निकलने से पहले और कटरा पहुंचकर भी स्थानीय समाचार और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) की आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया हैंडल के जरिए मौसम और यात्रा का लाइव अपडेट लेते रहें.
4. जरूरी दवाइयां और फर्स्ट एड
बारिश में भीगने के कारण सर्दी, जुकाम या बुखार होना आम है. इसके अलावा चढ़ाई में पैरों के दर्द के लिए मूव या आयोडेक्स जैसी क्रीम और कुछ जरूरी दवाइयां अपने पास हमेशा रखें.
यात्रा के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
बारिश में जल्दबाजी करने की बजाय आराम-आराम से चढ़ाई करें. जहां रास्ता ज्यादा फिसलन वाला लगे, वहां रेलिंग का सहारा लें. अगर छोटे बच्चे या बुजुर्ग साथ हैं, तो उनकी सुविधा का खास ध्यान रखें. जरूरत महसूस होने पर घोड़े, पालकी या बैटरी कार जैसी उपलब्ध सुविधाओं का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
यह भी पढ़ें: बारिश में हिल स्टेशन जा रहे हैं, तो इन 5 तैयारियों के बिना घर से न निकलें

