तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय शुक्रवार को करूर दौरे पर हैं। बीते साल करूर में हुई भगदड़ और उसमें 41 लोगों की मौत के बाद यह सीएम विजय का करूर में पहला दौरा है। इस दौरान सीएम विजय कई कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत करेंगे और साथ ही उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। जनसभा में अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि करूर भगदड़ की घटना ने उन्हें गहरा दुख और पीड़ा पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें हालात की जानकारी पहले दे सकती थी। सीएम विजय ने विपक्षी पार्टी डीएमके पर भी निशाना साधा और घटना को लेकर ड्रामा करने का आरोप लगाया।



विपक्षी दलों डीएमके और एआईएडीएमके पर लगाए आरोप
करूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम विजय ने कहा, 2025 के करूर भगदड़ हादसे में हमने हमारी बहनों के बच्चों को खो दिया। उन्होंने कहा कि अगर 2025 की उनकी पार्टी की रैली को पर्याप्त सुरक्षा दी जाती तो ये हादसा नहीं होता। उन्होंने घटना का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश के लिए विपक्षी पार्टियों को निशाने पर लिया। सीएम ने डीएमके और एआईएडीएमके पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि ये पार्टियां पार्टी फंड के नाम पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहीं। अब सरकारी कार्यालयों में कोई भ्रष्टाचार नहीं है और किसी से भी एक पैसा नहीं लिया जाता। साथ ही लोगों का सम्मान किया जाता है।
सीएम विजय ने कहा ‘करूर भगदड़ हादसा ऐसी घटना है, जिसका मुझे हमेशा दुख रहेगा। अरियालुर में प्रचार करते हुए पुलिस ने मुझे बताया था कि वे पेरम्बलूर न जाएं क्योंकि वहां भारी भीड़ है। वे नमक्कल से करूर जाते समय भी ऐसा कर सकते थे, लेकिन उन्होंने मुझे करूर जाने दिया और मैंने उन पर विश्वास कर लिया। उनके पास बैठक रद्द करने की भी शक्ति थी। विजय ने कहा कि पूर्व सीएम एमके स्टालिन ने मामले का राजनीतिकरण किया।’
सीएम विजय ने कहा कि ‘डीएमके सरकार में हर विभाग में लोगों से पार्टी फंड के नाम पर पैसे लूटे गए। जब मैंने इस बारे में विधानसभा में बात की तो वे लोग भाग गए। जो लोग कहते हैं कि भ्रष्टाचार खत्म नहीं हो सकता, उन्हें अब सरकारी विभाग जाकर देखने चाहिए वहां एक पैसा भी रिश्वत के तौर पर नहीं लिया जा रहा है। लोगों को राहत मिली है और बतौर सरकार हम खुश हैं।’