राजधानी में काफी इंतजार के बाद मंगलवार को बदरा झूम के बरसे। बारिश से पहले छाए बादलों ने दिन में ही रात होने का अहसास करा दिया। मानसून के दिल्ली में दस्तक देने के चार दिन बाद हुई झमाझम बरसात ने गर्मी और उमस भरे मौसम से राहत दिला दी लेकिन जगह-जगह हुए जलभराव ने लोगो की मुसीबत बढ़ा दी। कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारी, स्कूल/कॉलेज जाने वाले छात्र और यात्री घंटों जाम में फंसे रहे। जाम की इस समस्या को कई स्थानों पर गिरे पेड़ों ने और बढ़ा दिया। केशवपुरम जोन के जगतपुरी क्षेत्र में मकान की दीवार गिर गई। राजधानी में एक अनुमान के मुताबिक 11.9 एमएम बारिश दर्ज हुई है।
बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव और वाहनों की धीमी रफ्तार से सुबह और शाम के समय कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया। सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में आईटीओ, मिंटो ब्रिज, रिंग रोड, धौला कुआं, नारायणा, द्वारका, जनकपुरी, उत्तम नगर, नवादा, आश्रम चौक, सराय काले खां, दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, करोल बाग, रोहिणी, आजादपुर, पीरागढ़ी और पंजाबी बाग शामिल रहे। कई जगहों पर पानी भरने के कारण वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा। ऑफिस आने-जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों और दैनिक यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई वाहन चालक लंबे समय तक जाम में फंसे रहे।
आईटीओ, मिंटो ब्रिज, रिंग रोड, धौला कुआं, नारायणा, द्वारका, जनकपुरी, उत्तम नगर, नवादा, आश्रम चौक, सराय काले खां, दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, करोल बाग, रोहिणी, आजादपुर, पीरागढ़ी और पंजाबी बाग सहित कई इलाकों में जलभराव हुआ। बारिश के दौरान ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में एक बड़ा पेड़ कई खड़ी गाड़ियों पर गिर गया, जिससे वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
नगर निगम के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को पश्चिमी जोन से भी कई स्थानों पर पेड़ गिरने की शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें राजौरी गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास, विकासपुरी, तिलक नगर के गणेश नगर क्षेत्र शामिल हैं। शिकायत मिलते ही निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं और पेड़ों को हटाने का कार्य शुरू किया। नगर निगम के अनुसार टैगोर गार्डन स्थित बी-51ए डीडीए फ्लैट्स में एक भवन के खतरनाक स्थिति में होने की शिकायत मिली। वहीं केशवपुरम जोन के जगतपुरी क्षेत्र में मकान की दीवार गिरने की सूचना भी केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को प्राप्त हुई। अधिकारियों ने दोनों स्थानों पर निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
बुराड़ी और कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर भरा पानी
राजधानी में मंगलवार को हुई बारिश के दौरान दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर पानी भरने की स्थिति बन गई। सबसे अधिक प्रभावित बुराड़ी और कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन रहे, जहां यात्री आवाजाही वाले हिस्सों में पानी जमा होने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। वीडियो सामने आने के बाद यात्रियों ने मेट्रो की मानसून तैयारियों पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर फिसलने की आशंका और आवागमन में हुई दिक्कतों से जुड़ी पोस्ट डालीं। मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन के टिन शेड के हिस्से से वर्षा का पानी टपकने के कारण स्टेशन परिसर व उसके आसपास पानी जमा हो गया था, जिसका पता चलते ही इसे साफ कराया गया। अब स्थिति सामान्य है।
अस्पताल में भरा पानी, ओपीडी में पहुंचे मरीजों की बढ़ी परेशानी
तेज बारिश डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की परेशानी का सबब बनी। ओपीडी ब्लॉक की इमारत के बाहर पानी जमा होने के चलते आवाजाही में मरीज से लेकर उनके तीमारदारों को मुश्किल हुई। दोपहर की ओपीडी में अपनी मरीज को दिखाने आए दिनेश सिंह ने बताया कि ऑटो वाले ने अस्पताल के जिस गेट के बाहर छोड़ा था वहां पर पानी जमा था। अंदर आने पर ओपीडी ब्लॉक की इमारत के बाहर भी जलभराव दिखा। ओपीडी की ओर आने वाले रास्ते पर किसी ने ईंट रखी हुई जिस पर पैर रखकर ओपीडी की तरफ आए है।
पुरानी इमरजेंसी की तरफ से अंदर गलियारे की ओर जाने वाले रास्ते में कुछ जगह पानी ऊपर से टपक रहा था। फिसलन का खतरा बना हुआ था। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जलभराव वाली जगहों को चिन्हित कर लिया है गया है जल्द ही इसे दुरुस्त करा लिया जाएगा। नगर निगम के अनुसार टैगोर गार्डन स्थित बी-51ए डीडीए फ्लैट्स में एक भवन के खतरनाक स्थिति में होने की शिकायत मिली। केशवपुरम जोन के जगतपुरी क्षेत्र में मकान की दीवार गिरने की सूचना भी केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को प्राप्त हुई। अधिकारियों ने दोनों स्थानों पर निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव, पेड़ गिरे, दीवार ढही
राजधानी में मंगलवार को हुई तेज बारिश के चलते कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। इसके अलावा कई स्थानों पर पेड़ गिरने और एक मकान की दीवार ढहने की घटनाएं भी सामने आईं। बारिश के बाद नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की टीमें राहत एवं सफाई कार्य में जुट गईं।
बारिश के दौरान आईटीओ, मिंटो ब्रिज, रिंग रोड, धौला कुआं, नारायणा, द्वारका, जनकपुरी, उत्तम नगर, नवादा, आश्रम चौक, सराय काले खां, दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, करोल बाग, रोहिणी, आजादपुर, पीरागढ़ी और पंजाबी बाग सहित कई इलाकों में जलभराव हुआ। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों और अन्य दैनिक यात्रियों को भी बारिश के कारण परेशानी हुई।
बारिश के दौरान ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में एक बड़ा पेड़ कई खड़ी गाड़ियों पर गिर गया, जिससे वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। वहीं नगर निगम के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को पश्चिमी जोन से भी कई स्थानों पर पेड़ गिरने की शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें राजौरी गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास, विकासपुरी, तिलक नगर के गणेश नगर क्षेत्र शामिल हैं। शिकायत मिलते ही निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं और पेड़ों को हटाने का कार्य शुरू किया।
बारिश के कारण भवन सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं भी सामने आईं। नगर निगम के अनुसार टैगोर गार्डन स्थित बी-51ए डीडीए फ्लैट्स में एक भवन के खतरनाक स्थिति में होने की शिकायत मिली। वहीं केशवपुरम जोन के जगतपुरी क्षेत्र में मकान की दीवार गिरने की सूचना भी केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को प्राप्त हुई। अधिकारियों ने दोनों स्थानों पर निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। बारिश के बीच जलभराव, पेड़ गिरने और भवनों को नुकसान पहुंचने की घटनाओं ने एक बार फिर राजधानी में मानसून के दौरान नागरिक सुविधाओं और जल निकासी व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बारिश में मेट्रो स्टेशनों की तैयारी पर उठे सवाल, बुराड़ी और कश्मीरी गेट स्टेशन पर भरा पानी
राजधानी में मंगलवार को हुई बारिश के दौरान दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर पानी भरने की स्थिति बन गई। सबसे अधिक प्रभावित बुराड़ी और कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन रहे, जहां यात्री आवाजाही वाले हिस्सों में पानी जमा होने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। वीडियो सामने आने के बाद यात्रियों ने मेट्रो की मानसून तैयारियों पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई। यात्रियों का कहना था कि मेट्रो को अत्याधुनिक और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन प्रणाली माना जाता है, ऐसे में स्टेशनों के भीतर पानी भरना यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर चिंता पैदा करता है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर फिसलने की आशंका और आवागमन में हुई दिक्कतों का भी उल्लेख किया।
मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन के टिन शेड के हिस्से से वर्षा का पानी टपकने के कारण स्टेशन परिसर व उसके आसपास पानी जमा हुआ। जैसे ही इसकी जानकारी मिली, सफाई और रखरखाव की टीमों को मौके पर भेज दिया गया। लगातार पानी निकालने और सफाई का काम किया गया, जिससे स्थिति सामान्य कर ली गई। अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के दौरान कहीं-कहीं ऐसी स्थिति बन सकती है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और परिचालन प्रभावित नहीं हुआ है। स्टेशनों की नियमित निगरानी भी की जा रही है ताकि बारिश के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अस्पताल में भरा पानी, ओपीडी में पहुंचे मरीजों की बढ़ी परेशानी
तेज बारिश डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की परेशानी का सबब बनी। ओपीडी ब्लॉक की इमारत के बाहर पानी जमा होने के चलते आवाजाही में मरीज से लेकर उनके तीमारदारों को मुश्किल हुई। दोपहर की ओपीडी में अपनी मरीज को दिखाने आए दिनेश सिंह ने बताया कि अंदर ही नहीं बाहर गेट की ओर भी पानी जमा रखा है। जब घर से अस्पताल के लिए निकले थे तो बरसात वाला मौसम जरूर था। लेकिन बरसात आने की उम्मीद नहीं थी। ऑटो वाले ने अस्पताल के जिस गेट के बाहर छोड़ा था वहां पर भी पानी जमा था। मगर, अंदर आने पर ही ओपीडी ब्लॉक की इमारत के बाहर भी जलभराव दिखा। ओपीडी की ओर आने वाले रास्ते पर किसी ने ईंट रखी हुई जिस पर पैर रखकर ओपीडी की तरफ आए है।
वहीं, पुरानी इमरजेंसी की तरफ से अंदर गलियारे की ओर जाने वाले रास्ते में भी कुछ जगह से पानी ऊपर टपक रहा था। वहां भी गलियारे में थोड़ा पानी जमा हो रखा था। फिसलन के डर से लोग सतर्कता के साथ चलते दिखे। इस संबंध में अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मौसम की पहली बरसात था। परिसर में जलभराव वाली जगहों को चिन्हित कर लिया है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के साथ बैठक की गई है। जिससे आगे भविष्य में जलभराव के हालात परिसर में न बने।

