भारत सरकार और नौसेना ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कच्चे तेल से लदे मर्चेंट जहाज ‘ओमेगा ट्रेडर’ को अंतरराष्ट्रीय समुद्र में सुरक्षित मार्ग दिलाने के लिए हस्तक्षेप किया है। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस संयुक्त प्रयास के बाद अब जहाज के सुरक्षित रूप से भारत के सिक्का बंदरगाह पहुंचने की पूरी उम्मीद है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब युद्धविराम लागू होने के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य में 24 घंटों के भीतर तीन जहाजों पर हमले हो चुके हैं।
चालक दल में 15 भारतीय शामिल
इस अभियान में जहाज पर सवार चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। ‘ओमेगा ट्रेडर’ पर कुल 23 चालक दल के सदस्य सवार हैं। इनमें से 15 सदस्य भारतीय नागरिक हैं, जबकि शेष 8 सदस्य फिलीपींस के नागरिक हैं। सरकार और नौसेना के समय पर किए गए हस्तक्षेप के कारण जहाज पर सवार सभी सदस्य सुरक्षित हैं।
यह जहाज कच्चे तेल को लेकर अपनी यात्रा पर है। सरकारी सूत्रों ने पुष्टि की है कि सरकार और नौसेना के प्रयासों से जहाज को सुरक्षित रास्ता मिल गया है। अब यह जहाज बिना किसी बाधा के अपनी आगे की यात्रा पूरी कर रहा है और जल्द ही इसके भारत के सिक्का पहुंचने की संभावना है। इस कदम से जहाज पर सवार भारतीय और विदेशी नागरिकों के परिवारों ने राहत की सांस ली है।
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होर्मुज में तीन टैंकरों पर हुआ हमला
इससे पहले, होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन टैंकरों को निशाना बनाया गया। यह फारस की खाड़ी के संकरे मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर हुए ताजा हमलों में से एक है। ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने बताया कि तेल परिवहन के लिए बेहद अहम इस समुद्री मार्ग में तीसरे जहाज को ड्रोन से निशाना बनाया गया। इससे पहले मंगलवार को दिन में दो अन्य टैंकरों पर भी हमला किया गया था। यूकेएमटीओ के अनुसार, तीसरे जहाज को मामूली नुकसान पहुंचा है। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है और जहाज अपनी यात्रा जारी रखे हुए है।

