क्या पाकिस्तान में विदेशी मेहमान सुरक्षित हैं? क्या सत्ता के नशे में रसूखदार लोग कानून से ऊपर हो गए हैं? दरअसल, पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार की कुर्सी पर बड़ा संकट आ गया है। उनके पोते रजा डार को एक बेहद संगीन मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। क्या एक कद्दावर राजनेता का परिवार होने के कारण उसे बचाने की साजिश रची गई? क्या है पूरा मामला? आइए, विस्तार से जानते हैं।
आखिर क्या है यह खौफनाक वारदात?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नीदरलैंड और वेनेजुएला की दो महिलाएं 29 जून को लाहौर पहुंचीं। रजा डार से उनकी मुलाकात पिछले साल सिंगापुर में हुई थी। दोनों एक बड़े क्रिप्टो प्रोजेक्ट पर साथ काम कर रहे थे। रजा ने ही उन्हें बिजनेस वीजा पर पाकिस्तान बुलाया था। लेकिन जैसे ही वे लाहौर पहुंचीं, उनके ठिकाने पर हथियारबंद लोगों ने धावा बोल दिया। उन्होंने क्रिप्टो, कंप्यूटर और उसके पासवर्ड की मांग की।
क्या पुलिस कर रही है लीपापोती?
सीनेटर फैसल वावडा ने सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। वावडा का कहना है कि पुलिस इस मामले को सिर्फ रंगदारी का केस बनाना चाहती है। वहीं, पीड़िता ने मजिस्ट्रेट को बताया कि उन्हें एक कमरे में ले जाकर दो लोगों ने उनका यौन उत्पीड़न किया, जबकि एक आदमी बंदूक लेकर पहरा दे रहा था। वावडा ने तंज कसते हुए पूछा है कि क्या पाकिस्तान एक ‘पारिवारिक निगम’ की तरह चलाया जा रहा है? जिस देश को विदेशी निवेश की सख्त जरूरत है, वहां ऐसी घटनाएं दुनिया को क्या संदेश देंगी? क्या अब कोई विदेशी नागरिक पाकिस्तान जाने की हिम्मत जुटा पाएगा?
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इस हाई-प्रोफाइल केस की पांच बड़ी बातें
क्या इशाक डार इस्तीफा देंगे? सीनेटर वावडा ने पूछा है कि इतने गंभीर आरोप के बाद डार विदेश मंत्री कैसे बने रह सकते हैं? उन्होंने तुरंत इस्तीफे की मांग की है।
क्या विदेशी दूतावास के दबाव में हुई कार्रवाई? आरोप है कि विदेशी दूतावास के कड़े दखल के बाद ही रजा डार की गिरफ्तारी हो सकी, वरना सरकार मामले को दबा रही थी।
कैसे बची जान? एक पीड़िता की मां ने किसी तरह 1 लाख डॉलर की फिरौती चुकाई। जब आरोपी उन्हें एयरपोर्ट ले जा रहे थे, तब गाड़ी क्रैश हो गई। महिलाओं ने शोर मचाया और ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें बचा लिया।
क्या आरोपियों को मिलेगी सजा? रजा डार सहित चार आरोपी 8 जुलाई तक पांच दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। एक आरोपी अभी भी फरार है।
क्या पीड़िताएं देश छोड़ चुकी हैं? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने के बाद दोनों महिलाएं पाकिस्तान से जा चुकी हैं। क्या इससे अभियोजन पक्ष का केस कमजोर पड़ जाएगा?
पाकिस्तान की छवि पर क्या असर?
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान विदेशी निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे देश की कानून-व्यवस्था और विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सवाल उठ सकते हैं। दूसरी ओर, यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ती है, तो इससे न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी नजर रहेगी।

