बदरीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों के बीच धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हल्ला मचाने से कुछ नहीं होगा। विपक्ष सबूत दे, हम सभी तरह की जांच को तैयार हैं। मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि पूर्व में केदारनाथ धाम में सोना चोरी के जो आरोप लगे थे, उनकी जांच में कुछ नहीं मिला था।
मंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम मामले की मैंने खुद जांच कराई थी। जो सोना था, उसमें मंदिर समिति ने सोने की परत मंदिर के गर्भगृह में चढ़ाने के साथ ही उसकी सुरक्षा के लिए प्लास्टिक कोटिंग भी कराई हुई थी। उसी पर सवाल उठाते हुए 200 किलो सोना चोरी के निराधार आरोप लगाए गए थे।
बदरीनाथ, केदारनाथ में दान की परंपरा वर्षों पुरानी है। कहा, कर्मचारी पर जो आरोप लगे हैं, उस पर हमने सख्त निर्देश दिए हैं। जांच कराई जा रही है। साथ ही बीकेटीसी अध्यक्ष को बोला गया है कि सीसीटीवी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। मंत्री ने कहा कि विपक्ष आरोप लगाकर केवल माहौल बना रहा है, जो गलत है। सबूत है तो सरकार को दे।
आर्थिक हेराफेरी के आरोपों की जांच शुरू
बदरीनाथ धाम में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के एक कर्मचारी पर लगे आर्थिक हेराफेरी के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए समिति ने चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने समिति को एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सीसीटीवी की जांच के लिए आंतरिक टीम (विभागीय) भी गठित कर दी गई है।
सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। इसके लिए बदरीनाथ मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। बताया जा रहा है कि मंदिर समिति ने जांच के मद्देनजर पिछले 40 दिनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रख दी है ताकि आवश्यक साक्ष्यों का परीक्षण किया जा सके।
बीते शुक्रवार को भैरव सेना के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने बीकेटीसी के सीईओ को ज्ञापन भेजकर मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों में अनियमितता और आर्थिक हेराफेरी का आरोप लगाया था। उन्होंने संबंधित कर्मचारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। बीकेटीसी का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


