RBI News: भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने एक नई सुविधा की शुरुआत की है, जिससे अब सरकारी वित्तीय संस्थानों को थोड़ी राहत मिल सकती है. ये नई सुविधा है कंसेशनल फॉरेक्स स्वैप, जिसकी मदद से अब सरकारी वित्तीय संस्थानों के लिए विदेश से कर्ज लेना पहले की तुलना में ज्यादा आसान और सस्ता होगा. इस बारे में रेटिंग एजेंसी S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट के जरिए बताया है.
पिछले महीने शुरू हुई सुविधा
दरअसल, विदेशी पूंजी को भारत में आकर्षित करने के लिए RBI ने पिछले महीने एक विशेष फॉरेक्स स्वैप सुविधा शुरू की थी. इसके तहत 30 सितंबर तक सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) की कंपनियां अगर विदेश से एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स (ECB) यानी विदेशी कर्ज जुटाती हैं, तो RBI उन्हें 3 से 5 साल की अवधि के लिए डॉलर रुपया स्वैप पर सिर्फ 1.5% सालाना प्रीमियम की दर से सुविधा देगा.
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S&P रेटिंग्स एजेंसी की एनालिस्ट गीता चुघ इस बारे में बात करते हुए मनी कंट्रोल को बताया है कि, सरकारी वित्तीय संस्थानों को विदेश से कर्ज लेने के लिए प्रोत्साहित करने से भारत में विदेशी मुद्रा आएगी. इससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा, रुपये को सहारा मिलेगा और ये पूंजी आगे विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचकर अर्थव्यवस्था में तेजी लाएगी.
क्या लिखा है रिपोर्ट में?
S&P की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इससे विदेशी करेंसी के उतार-चढ़ाव का जोखिम काफी कम लागत पर खत्म हो जाता है. यानी सरकारी वित्तीय संस्थान बिना ज्यादा जोखिम उठाए विदेश से सस्ता कर्ज ले सकेंगे. इससे उनकी फंडिंग लागत घटेगी और वो ज्यादा विदेशी कर्ज जुटाने के लिए आगे आएंगी.
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