भारतीय रंगमंच और सिनेमा की दिग्गज हस्ती विजया मेहता के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है. थिएटर गुरु कही जाने वाली विजया मेहता का 91 साल की उम्र में निधन हो गया है. उनके जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है. चलिए जानते हैं उन्होंने क्या कहा.
विजया मेहता ने कई पीढ़ियों को प्ररित किया…
पीएम मोदी ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर लिखा, ‘श्रीमती विजया मेहता जी के निधन से बेहद दुख हुआ. उन्हें संस्कृति और सिनेमा जगत की महान हस्ती के रूप में हमेशा याद किया जाएगा. उन्होंने आधुनिक मराठी थिएटर को नई पहचान दी और अपनी रचनात्मक सोच व बेहतरीन काम के दम पर अलग मुकाम हासिल किया.’
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Deeply saddened by the passing of Smt. Vijaya Mehta Ji. She will be remembered as one of the towering personalities of culture and cinema.
A pioneer of modern Marathi theatre, she was known for her creativity and commitment to artistic excellence. Her work inspired generations…
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उन्होंने आगे लिखा, ‘उनके काम ने कई पीढ़ियों के कलाकारों, निर्देशकों और थिएटर प्रेमियों को प्रेरित किया. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, चाहने वालों और पूरे कला जगत के साथ हैं. ओम शांति.’
कौन थी विजया मेहता?
विजया मेहता भारत की एक मशहूर मराठी फिल्म, थिएटर निर्देशक और अभिनेत्री थीं. वो भारतीय रंगमंच और समानांतर सिनेमा का एक बेहद बड़ा नाम थीं. उनका जन्म 4 नवंबर 1934 को वडोदरा, गुजरात में हुआ था और 30 जून 2026 को 91 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया. रंगमंच की दुनिया में उन्हें लोग आदर से ‘बाई’ कहकर बुलाते थे.
शुरू किया थिएटर ग्रुप
उन्होंने 1960 के दशक में नाटककार विजय तेंदुलकर, डॉ. श्रीराम लागू और अरविंद देशपांडे के साथ मिलकर ‘रंगायन’ नाम के एक थिएटर ग्रुप की शुरुआत की थी. उन्होंने ‘बैरियर’, ‘सखाराम बाइंडर’, ‘हमिदाबाईची कोठी’ और ‘वाडा चिरेबंदी’ जैसे कई ऐतिहासिक नाटकों का निर्देशन किया था. फिल्मों की दुनिया में भी विजया मेहता ने अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने ‘राव साहेब’ (1986) और ‘पेस्टनजी’ (1988) जैसी चर्चित फिल्मों का निर्देशन किया. वहीं, गोविंद निहलानी की फिल्म ‘पार्टी’ (1984) में उनकी दमदार अदाकारी को दर्शकों ने खूब सराहा था.
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