
Fuel Excise Duty: सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन यानी ATF को विदेश भेजने यानी एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी एक बार फिर बदल दी है. पेट्रोल के निर्यात पर ड्यूटी बढ़ाई गई है जबकि डीजल और विमान ईंधन के निर्यात पर इसे घटाया गया है!
नई दरें क्या हैं
नए आदेश के मुताबिक अब पेट्रोल के निर्यात पर 4 रुपये प्रति लीटर ड्यूटी लगेगी जो पहले 1.5 रुपये थी. डीजल के निर्यात पर ड्यूटी 14 रुपये से घटाकर 8.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. विमान ईंधन के निर्यात पर यह 12.5 रुपये से घटाकर 7.5 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
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आम आदमी की जेब पर असर नहीं
यहां समझने वाली सबसे जरूरी बात यह है कि यह ड्यूटी सिर्फ उस तेल पर है जो देश से बाहर भेजा जाता है. देश के अंदर पेट्रोल पंप पर बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ता यानी आपकी गाड़ी में भरने वाले तेल का दाम इस आदेश से नहीं बदलेगा.
यह ड्यूटी लगाई क्यों गई थी
वेस्ट एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच सरकार ने 27 मार्च 2026 से पेट्रोल डीजल और ATF के निर्यात पर यह खास ड्यूटी लगाई थी. मकसद यह था कि कंपनियां तेल बाहर भेजने के बजाय देश में ही उपलब्ध रखें ताकि घरेलू बाजार में किल्लत न हो. ये दरें हर 15 दिन में अंतरराष्ट्रीय बाजार के भाव के हिसाब से घटाई और बढ़ाई जाती हैं. पेट्रोल पर ड्यूटी बढ़ना और डीजल तथा विमान ईंधन पर घटना इन्हीं भावों में हुए बदलाव को दिखाता है.
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मालदीव और मॉरीशस को भी छूट
इसी के साथ सरकार ने एक और छोटा लेकिन अहम बदलाव किया है. पेट्रोल- डीजल और ATF के निर्यात पर इस ड्यूटी से सरकारी तेल कंपनियों को कुछ पड़ोसी देशों में छूट मिलती है. पहले इस सूची में नेपाल भूटान बांग्लादेश और श्रीलंका थे और अब इसमें मालदीव और मॉरीशस को भी जोड़ दिया गया है. यह बदलाव 30 जून को जारी कई अधिसूचनाओं के जरिए किया गया और तुरंत प्रभाव से लागू है. नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई हैं.
