लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

‘हर साल 1100 बार चीन से होता है सामना’:जनरल द्विवेदी ने बताया कितनी बदली सैन्य रणनीति, अग्निपथ पर क्या कहा? – General Upendra Dwivedi Reveals On Many Issues India-china Border Lac Interactions New War Strategy Agnipath

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में तनाव के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हालात भले ही पहले से स्थिर हुए हों, लेकिन भारतीय सेना अभी भी पूरी तरह सतर्क है। निवर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने खुलासा किया है कि भारत और चीन की सेनाओं के बीच हर साल 1100 से अधिक जमीनी स्तर की बातचीत होती है, ताकि सीमा पर किसी भी तरह की गलतफहमी से बचा जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय सेना तेजी से अपनी सैन्य रणनीति बदल रही है और भविष्य के युद्धों के लिए खुद को तैयार कर रही है।


जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि एलएसी पर शांति बनाए रखने के लिए लगातार सतर्कता, मजबूत सैन्य तैयारी और बातचीत बेहद जरूरी है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सेना की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया और कहा कि इस अभियान ने सेना की संयुक्त, एकीकृत और भविष्य के युद्धों के लिए तैयार क्षमता को साबित किया है। इसके साथ ही उन्होंने अग्निपथ योजना, आत्मनिर्भरता और सेना के आधुनिकीकरण पर भी विस्तार से अपनी बात रखी।

 

क्या एलएसी पर भारत-चीन के रिश्तों में सुधार हुआ?


  • जनरल द्विवेदी ने कहा कि 2024-25 के दौरान भारत और चीन के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई सकारात्मक घटनाक्रम हुए हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन, सैन्य वार्ता और संवाद की प्रक्रिया लगातार जारी है। कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली, सीमा व्यापार को दोबारा शुरू करने पर सहमति और सैन्य वार्ताओं की बढ़ती संख्या से संबंधों में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटने के संकेत मिले हैं।

  • उन्होंने कहा कि भारत और चीन की सेनाओं के बीच हर साल 1100 से अधिक जमीनी स्तर की बातचीत होती है। इसके अलावा हॉटलाइन, फ्लैग मीटिंग और कमांडर स्तर की बैठकों के जरिए स्थानीय मुद्दों को सुलझाया जाता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि एलएसी पर स्थिति स्थिर जरूर है, लेकिन संवेदनशील बनी हुई है और भारतीय सेना किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

ऑपरेशन सिंदूर ने सैन्य रणनीति को कैसे बदला?


  • जनरल द्विवेदी ने कहा कि हाल के वर्षों में भारतीय सेना की सबसे बड़ी उपलब्धि ऑपरेशन सिंदूर रहा है। उनके अनुसार, इस अभियान ने दिखाया कि भविष्य के युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों से नहीं लड़े जाएंगे, बल्कि तकनीक, ड्रोन, साइबर क्षमता और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

  • उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने सेना की संयुक्त और एकीकृत युद्ध क्षमता को साबित किया। इस दौरान तकनीक, सुरक्षित संचार प्रणाली, सटीक हमले की क्षमता और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल का प्रभावी प्रदर्शन देखने को मिला। जनरल द्विवेदी के मुताबिक, सेना अब मल्टी-डोमेन वॉरफेयर की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।


भारतीय सेना में क्या बड़े बदलाव किए जा रहे?

जनरल द्विवेदी ने बताया कि भारतीय सेना में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। इसके तहत रुद्र ब्रिगेड, भैरव बटालियन, अशनि ड्रोन प्लाटून, शक्तिबाण रेजिमेंट, दिव्यास्त्र बैटरी और बाज बटालियन जैसी नई सैन्य संरचनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बाज बटालियन का उद्देश्य ड्रोन और रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट क्षमता को मजबूत करना है। इन इकाइयों की मदद से निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और युद्धक्षेत्र की वास्तविक समय में जानकारी हासिल करने की क्षमता बढ़ेगी। सेना का फोकस अब तकनीक आधारित और नेटवर्क से जुड़ी युद्ध प्रणाली पर है।

अग्निपथ योजना पर सेना प्रमुख ने क्या कहा?


  • अग्निपथ योजना भारतीय सेना को अधिक युवा, फिट और भविष्य के युद्धों के लिए तैयार बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार है।

  • अग्निवीरों को लेकर सेना का शुरुआती अनुभव सकारात्मक रहा है।

  • अग्निवीर यूनिट जीवन, सैन्य प्रशिक्षण और फील्ड की आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को अच्छी तरह ढाल रहे हैं।

  • आधुनिक युद्ध में ड्रोन, निगरानी प्रणाली, संचार नेटवर्क और नई तकनीकों की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

  • युवा अग्निवीर नई तकनीकों को तेजी से अपनाकर सेना की परिचालन क्षमता को मजबूत कर रहे हैं।

  • सेना का मानना है कि तकनीक आधारित युद्ध में अग्निवीर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

  • अग्निपथ योजना अभी शुरुआती चरण में है और इसका लगातार मूल्यांकन किया जा रहा है।

  • भविष्य में किसी भी बदलाव का निर्णय सेना की परिचालन जरूरतों और जमीनी अनुभव के आधार पर किया जाएगा।


आत्मनिर्भरता को क्यों बताया राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरत?

जनरल द्विवेदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता अब केवल एक नीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि युद्ध या संकट की स्थिति में देश को अपने हथियारों, गोला-बारूद और सैन्य तकनीक के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।उन्होंने कहा कि भारतीय सेना स्वदेशी तकनीकों, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, संचार नेटवर्क और एआई आधारित प्रणालियों को तेजी से अपनाने की दिशा में काम कर रही है। डीआरडीओ, निजी उद्योग, स्टार्टअप और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर सेना भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार कर रही है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश :लिव-इन में रह रहे बालिग जोड़े को हाईकोर्ट की राहत, अपनी इच्छा से साथ रहने की मिली अनुमति – Himachal High Court Live In Couple Right To Live Together

भाजपा-अकाली दल का होगा गठबंधन?:चुनाव में दोनों दल साथ आए तो बदलेगी इन सीटों पर तस्वीर; कड़ा होगा मुकाबला – Urban Bjp And Rural Akali Votes Could Change The Contest In Several Punjab Seats

स्वाइन फ्लू:दिल-फेफड़ों के साथ एच1एन1 से आंखों को भी खतरा, नजर में ये बदलाव दिखें तो तुरंत जाएं डॉक्टर के पास – Swine Flu Delhi H1n1 Can Affect Your Lungs Heart And Eyes Vision Symptoms You Should Never Ignore

बंगलूरू:एनएलएसआईयू ने रद्द किया दीक्षांत समारोह, छात्रों को अब कैसे मिलेगी डिग्री? जानें क्या है पूरा मामला – Nlsiu Cancels 2026 Convocation Amid Student And Alumni Opposition Over Bci Chairman, Cji Presence

यात्रीगण ध्यान दें:कल से इस रूट की कई ट्रेनें 4 सितंबर तक कैंसिल, यात्रा से पहले चेक करें लिस्ट – Railway Cancelled Trains List Kanpur Delhi Route Some Trains Cancelled From 28 August 2026 To 4 September 2026

महाराष्ट्र साइबर सेल को लेकर समय रैना ने किया ऐसा मजाक, सीएम देवेंद्र फडणवीस भी नहीं रोक पाए अपनी हंसी – Maharashtra Cyber Cell Very Active: Samay Raina Jokes After Being Honoured By Cm

Leave a Comment