1 जुलाई 2026 से देश में कई महत्वपूर्ण वित्तीय बदलाव लागू होने जा रहे हैं। अगर आप टैक्सपेयर हैं, बैंक के ग्राहक हैं या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो ये बदलाव सीधे आपकी वित्तीय दिनचर्या को प्रभावित करेंगे। इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) से लेकर आधार अपडेट और पासपोर्ट बनवाने तक, कुल छह बड़े नियमों में संशोधन होने जा रहा है।
आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ये नए बदलाव क्या हैं और आपको इनके लिए किस तरह तैयार रहना चाहिए।
क्या है आईटीआर दाखिल करने की डेडलाइन और चूकने पर क्या होगा?
वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ITR-1 और ITR-2 फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई, 2026 तय की गई है। अगर आप इस तय समय सीमा के भीतर अपना रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसके अलावा, रिटर्न में देरी होने पर कुछ खास टैक्स रिजीम को चुनने पर रोक लग सकती है और आपको होने वाले नुकसान को आगे के वर्षों के लिए कैरी फॉरवर्ड करने में भी पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है।
आधार कार्ड धारकों के लिए कौन सी सुविधा मुफ्त होने जा रही है?
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आम जनता को एक बड़ी राहत दी है। 1 जुलाई 2026 से आधार मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए अपने रजिस्टर्ड ईमेल एड्रेस को अपडेट करना बिल्कुल मुफ्त होगा। इसके लिए पहले 75 रुपये का शुल्क देना पड़ता था, जिसे अब 6 महीने के लिए (यानी 31 दिसंबर, 2026 तक) अस्थायी रूप से माफ कर दिया गया है।
एसबीआई और एचडीएफसी क्रेडिट कार्ड के नियमों में क्या सख्ती की गई है?
क्रेडिट कार्ड यूजर्स को अब अपने खर्च के तरीकों पर ध्यान देना होगा। एसबीआई कार्ड ने एक जुलाई से अपने ‘फोनपे एसबीआई क्रेडिट कार्ड्स’ और सेलेक्ट ब्लैक के रिवॉर्ड पॉइंट प्रोग्राम में बदलाव किया है। इसके तहत रिवॉर्ड पॉइंट्स कमाने की नई लिमिट तय की गई है और उन ट्रांजैक्शन की लिस्ट भी बढ़ाई गई है जिन पर अब ग्राहकों को कोई पॉइंट नहीं मिलेगा।
वहीं, एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड धारकों को अब हर कैलेंडर तिमाही में 3 मानार्थ घरेलू एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस तभी मिलेंगे, जब उन्होंने पिछली तिमाही में कम से कम 60,000 रुपये खर्च किए हों। उदाहरण के लिए, अगर आप जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में लाउंज का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपका अप्रैल से जून के बीच 60,000 रुपये या उससे अधिक खर्च करना अनिवार्य होगा।
क्या अब नया पासपोर्ट बनवाना आपकी जेब पर भारी पड़ेगा?
जी हां, विदेश मंत्रालय ने 1 जुलाई, 2026 से सामान्य और तत्काल, दोनों तरह के पासपोर्ट के लिए सर्विस फीस में बढ़ोतरी कर दी है। इसका मतलब है कि अब भारत या विदेश में पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा महंगी हो जाएगी।
गलत वित्तीय उत्पाद बेचने वाले बैंकों पर आरबीआई का नया नियम क्या है?
ग्राहकों को गलत जानकारी देकर या गुमराह करके वित्तीय उत्पाद बेचने वाले बैंकों पर अब रिजर्व बैंक ने सख्ती कर दी है। 1 जुलाई, 2026 से लागू हो रहे आरबीआई के नए नियमों के अनुसार, यदि किसी ग्राहक को गलत तरीके से कोई प्रोडक्ट बेचा जाता है, तो वह पूरी तरह से रिफंड और नुकसान के मुआवजे का हकदार होगा।
यह सभी बदलाव इस बात का संकेत हैं कि नियामक एजेंसियां और बैंक अब पारदर्शिता व अनुपालन पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। समय रहते अपना आईटीआर दाखिल करना और क्रेडिट कार्ड के खर्चों को प्लान करना आपको भविष्य के किसी भी वित्तीय नुकसान या जुर्माने से सुरक्षित रख सकता है।


