मुजफ्फरनगर के तितावी इलाके के गांव की किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी मुठभेड़ में मारे गए पंजाब की ओर से रणजी ट्रॉफी के दो मुकाबले खेल चुके सतपाल उर्फ सत्तू को दो गोली लगी थी। अधिक खून बहने से सत्तू की जान गई। चंडीगढ़ से पहुंचे परिजनों ने भोपा रोड स्थित श्मशानघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया और वापस लौट गए।
मूल रूप से पचैंड़ा गांव निवासी और वर्तमान में चंडीगढ़ के राम दरबार निवासी आरोपी सोमवार रात पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ था। मंगलवार को उसकी मौत हो गई। सिविल लाइन थाना पुलिस ने उसके बेटे सुमित को कॉल कर जानकारी दी थी। पहले परिजनों ने आने से इन्कार कर दिया था।
पुलिस अधिकारियों ने चंडीगढ़ के सेक्टर-31 थाने में जानकारी दी। मृतक के परिजनों को मुजफ्फरनगर भिजवाने के लिए मदद मांगी। उनको बताया गया कि मुजफ्फरनगर पुलिस की मदद से सत्तू को मृत्यु प्रमाण पत्र बन सकता है जो भविष्य में पुलिस को दिखाने में काम आएगा।