पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े एक वायरल वीडियो का मामला गुरुग्राम तक पहुंच गया है। गुरुग्राम पुलिस ने इस संबंध में दो लोगों को हिरासत में लिया है। इन युवकों पर मुख्यमंत्री से संबंधित वीडियो की फर्जी रिपोर्ट तैयार करने का आरोप है।

पिछले दिनों एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक युवक धार्मिक बेअदबी करता दिख रहा था। अकाल तख्त के जत्थेदार ने इस वीडियो की फोरेंसिक जांच करवाई थी। 15 जून को जत्थेदार ने वीडियो को सही बताया था। मुख्यमंत्री मान ने अकाल तख्त द्वारा तलब किए जाने पर वीडियो को फर्जी बताया था। उन्होंने दो एजेंसियों से जांच करवाकर रिपोर्ट भेजने की बात कही थी। अब पंजाब पुलिस के अधिकारियों पर आरोप लग रहे हैं। पंजाब पुलिस के एक पुलिस महानिरीक्षक और एक पुलिस अधीक्षक 15 से 17 जून के दौरान गुरुग्राम के एक होटल में जसप्रीत नामक युवक से मिले थे।
मामले में नया मोड़
जसप्रीत पर दो लोगों के साथ मिलकर फर्जी रिपोर्ट बनाने का आरोप है। मामले ने तूल पकड़ा तो जसप्रीत ने खुद गुरुग्राम पुलिस को शिकायत दी। गुरुग्राम पुलिस ने अंकित और अरुण नामक दो लोगों को हिरासत में लिया है। मंगलवार शाम गुरुग्राम में इस प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज की गई। यह प्राथमिकी विवादित वीडियो को निर्दोष करार देने वालों के खिलाफ दर्ज हुई है।
आरोप है कि करीब 10 लाख रुपये लेकर फर्जी रिपोर्ट तैयार करवाई गई थी। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि बेअदबी से जुड़े इसी वीडियो को लेकर अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को तलब किया था। उस दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो को फर्जी बताया था और कहा था कि वह दो स्वतंत्र एजेंसियों से जांच करवाकर उनकी रिपोर्ट अकाल तख्त को भेजेंगे।

