अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच कुछ दिन पहले ही शुरू हुआ एक विवाद अचानक बढ़ गया है। दरअसल, हाल ही में ट्रंप ने हाल ही में इटली के एक मीडिया समूह को दिए इंटरव्यू में कहा था कि मेलोनी उनके साथ तस्वीर लेने के लिए काफी बेताब थीं। ट्रंप ने कहा कि वह तस्वीर नहीं लेना चाहते थे, लेकिन उन्हें मेलोनी के लिए बुरा लग रहा था। ट्रंप के इस बयान पर मेलोनी ने पलटवार किया और कहा कि ट्रंप के यह सभी बनावटी हैं। मुझे समझ नहीं आता कि ट्रंप अपने सहयोगियों को लेकर इस तरह के बयान क्यों देते हैं।


चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रंप और मेलोनी के बीच इस टकराव का यहीं अंत नहीं हुआ। ट्रंप ने एक बार फिर मेलोनी की तरफ से साथ तस्वीर खिंचाने की मांग की बात दोहराई तो वहीं मेलोनी ने एक्स पर अपने पोस्ट में ट्रंप पर फिर पलटवार किया। हालांकि, यह पहली बार नहीं था, जब अमेरिका के राष्ट्रपति ने इस तरह की हरकतें की हों। इससे पहले भी ट्रंप अपने सहयोगी देशों और नेताओं को अपने बयानों के जरिए घेरने की कोशिश करते रहे हैं। फिर चाहे बात फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की निजी जिंदगी पर टिप्पणी से जुड़ी हो या ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर पर तंज कसने की। ट्रंप ने इन सभी को लेकर विवादित टिप्पणियां की हैं।
