वैश्विक मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर और उनकी पार्टी के बीच पिछले दो वर्षों में कई बार मतभेद सामने आए हैं। यह विवाद शुक्रवार को फिर उभर आया, जब शशि थरूर ने जी-7 शिखर सम्मेलन में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर पीएम मोदी के संदेश का समर्थन किया। कांग्रेस ने इस पर नाराजगी जताई, जबकि भाजपा ने इसे लेकर पार्टी पर निशाना साधा।

दरअसल, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने थरूर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन पर कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, “मेरे वरिष्ठ सहयोगी डॉ. शशि थरूर की प्रधानमंत्री मोदी के प्रति प्रशंसा शायद अब भौतिक दुनिया की सीमाओं से भी आगे निकल गई है। अब ऐसा लगता है कि वे वह भी सुन सकते हैं, जो मोदी ने कहा ही नहीं।”
शशि थरूर ने कैसे दिया पवन खेड़ा को जवाब?
पवन खेड़ा ने आगे कहा, “थरूर जी को किसी तरह ऐसे मजबूत दावे, सख्त जवाब और अडिग कूटनीति सुनाई दे गई, जिनका आधिकारिक रिकॉर्ड में कहीं जिक्र नहीं है। शायद हम बाकी लोग सामान्य मानवीय इंद्रियों तक ही सीमित हैं।” अंग्रेजी भाषा पर अपनी पकड़ और प्रभावशाली शैली के लिए पहचाने जाने वाले थरूर ने खेड़ा की इस टिप्पणी को खारिज कर दिया।
My senior colleague Dr Shashi Tharoor’s admiration for PM Modi appears to have transcended the limitations of the physical world. He now seems capable of hearing what Modi doesn’t even say.
According to the official MEA readout of the Modi–Trump meeting on the sidelines of the… pic.twitter.com/6U7BFRxAgZ— Pawan Khera 🇮🇳 ಪವನ್ ಖೇರಾ (@Pawankhera) June 20, 2026
शशि थरूर ने कहा, “जो लोग मानते हैं कि मैंने जी-7 में नरेंद्र मोदी द्वारा न कही गई बातें ‘सुन लीं’, उनके लिए स्पष्ट कर दूं कि मैं केवल उन टिप्पणियों का जिक्र कर रहा था, जिनके बारे में व्यापक रूप से प्रकाशित रिपोर्टों में जानकारी दी गई थी।” कांग्रेस सांसद ने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को लेकर अपने आकलन पर कायम हैं, जिसमें भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया था।
सियासी लाभ को लेकर कांग्रेस पर भड़के शशि थरूर
उन्होंने कहा, “मैं व्यापक रूप से पढ़ता हूं और जो पढ़ता हूं उसे याद रखता हूं। मेरे ऊपर कभी भी तथ्यों या बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप नहीं लगा है। मैं उन टिप्पणियों के अपने सारांश पर कायम हूं, जिनके बारे में मैंने प्रिंट मीडिया में पढ़ा था और जो कथित तौर पर उस समय कही गई थीं, जब हमारे प्रधानमंत्री उनके (ट्रंप) बगल में बैठे थे।”
For those who believe I “heard” words that @narendramodi never said at the G-7, I was merely alluding to widely published reports about his remarks. If you want to hear a report, here’s one:https://t.co/dWkVwhWY0N
Otherwise this was Google Gemini’s summary:
“At the G7…
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) June 20, 2026
खेड़ा की टिप्पणी से कुछ घंटे पहले थरूर ने अफसोस जताया था कि उनके बयान को राजनीतिक विवाद का विषय बना दिया गया है। उन्होंने कहा, “सच कहूं तो मुझे यह असाधारण लगता है कि भारतीय नागरिक नाविकों की सुरक्षा को लेकर दिया गया एक बयान दलगत राजनीतिक विवाद में बदला जा रहा है। तीन भारतीयों की जान गई है। मेरी टिप्पणी हमारे नागरिकों की सुरक्षा और इस सिद्धांत को लेकर थी कि वाणिज्यिक जहाजों पर काम करने वाले नागरिक नाविक कभी भी सैन्य कार्रवाई का लक्ष्य नहीं होने चाहिए। अगर कुछ लोग इस चिंता पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने में अधिक रुचि रखते हैं, तो यह उनके बारे में ज्यादा बताता है, मेरे बारे में नहीं।”
थरूर बोले- अपने बयान पर कायम हूं
कांग्रेस के रुख से अलग राय रखते हुए थरूर ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के समक्ष भारत का पक्ष स्पष्ट रूप से रखा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक और निजी दोनों बैठकों में अपनी बात साफ तौर पर रखी। यह संदेश देना महत्वपूर्ण है कि युद्ध के दौरान वाणिज्यिक जहाजों पर काम करने वाले नागरिक नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। वे सैनिक नहीं हैं और यही संदेश प्रधानमंत्री मोदी ने दिया।”
भाजपा ने थरूर की इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा के रूप में देखा। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, “शशि थरूर ने राहुल गांधी की पोल खोल दी है। कांग्रेस के नेता खुले तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति की सराहना कर रहे हैं। जब भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा की बात आती है तो प्रधानमंत्री मोदी सबसे आगे होते हैं। लेकिन जब भारत के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ बोलने की बात आती है, तो राहुल गांधी सबसे आगे निकल जाते हैं।”
पहले भी दिखा चुके हैं कांग्रेस को आईना
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी शशि थरूर और कांग्रेस के बीच तनाव खुलकर सामने आया था। भाजपा नीत केंद्र सरकार ने उन्हें भारत का पक्ष रखने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सौंपा था। हालांकि वह कांग्रेस की ओर से इस पैनल के लिए नामित नहीं थे, फिर भी उन्होंने विदेश दौरा किया। उस समय कांग्रेस सांसद एम. मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट किया था, जिसे थरूर पर तंज माना गया। हालांकि, थरूर ने कहा था कि उन्होंने कभी भी पार्टी की घोषित नीतियों का उल्लंघन नहीं किया है।

