दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन में इस बार देरी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, सामान्य तौर पर 27 जून के आसपास राजधानी पहुंचने वाला मानसून अब जुलाई के पहले सप्ताह तक आ सकता है। इसकी मुख्य वजह मानसून को आगे बढ़ाने वाली आवश्यक मौसम प्रणालियों का अभी तक सक्रिय नहीं होना है।
18-19 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनता है। यह प्रणाली नमी से भरी हवाओं को उत्तर-पश्चिम भारत की ओर खींचती है और मानसून को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह सिस्टम ओडिशा, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से होते हुए दिल्ली तक पहुंचता है।
वहीं,क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने शनिवार को तमिलनाडु के पांच जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही अगले एक सप्ताह तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कई हिस्सों में मध्यम वर्षा होने का अनुमान जताया गया है।
इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में एक वायुमंडलीय द्रोणी (ट्रफ) पूर्व विदर्भ से तमिलनाडु तक फैली हुई है, जो तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से होकर गुजर रही है। यह मौसम प्रणाली आने वाले दिनों में तमिलनाडु में वर्षा गतिविधियों को बढ़ाने की संभावना रखती है। आरएमसी ने शनिवार के लिए नीलगिरी, इरोड, सलेम, धर्मपुरी और कृष्णागिरि जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा, पश्चिमी घाट के जिलों, कावेरी डेल्टा क्षेत्र और उत्तर तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर मध्यम वर्षा और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने जलभराव और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम केंद्र ने शनिवार को तिरुनेलवेली जिले के पहाड़ी इलाकों तथा नीलगिरी, कोयंबटूर, डिंडीगुल, थेनी और कन्याकुमारी जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
चेन्नई में कैसा रहेंगा मौसम?
पश्चिमी घाट से लगे इन जिलों में अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण अधिक वर्षा होने की संभावना है। चेन्नई में पूरे दिन आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा। मौसम विभाग ने शहर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। हालांकि राज्य की राजधानी में किसी बड़े मौसमीय व्यवधान की आशंका नहीं है, लेकिन रुक-रुक कर होने वाली बारिश से मौजूदा उमस भरे मौसम से कुछ राहत मिल सकती है।
सलाह का पालन करने की अपील की
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह मौसमी स्थिति दक्षिण भारत को प्रभावित कर रही व्यापक मानसूनी प्रणाली का हिस्सा है। वायुमंडलीय द्रोणी और नमी की बढ़ती उपलब्धता के कारण तमिलनाडु में अगले कई दिनों तक वर्षा गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। इस बीच, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में आगामी सप्ताह के दौरान तापमान सामान्य के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दिन के तापमान में वृद्धि की संभावना नहीं जताई है। बादल छाए रहने और समय-समय पर होने वाली बारिश के कारण अधिकांश क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट और सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

