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अब बंगाल में होगी अडानी की एंट्री! हुगली नदी के नीचे अंडर-रिवर टनल बनाने का है प्लान, जानें फायदे

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  • अडानी समूह पश्चिम बंगाल में अपना निवेश बढ़ाना चाहता है.
  • समूह हुगली नदी नीचे सुरंग परियोजना में रुचि रखता है.
  • अडानी बिजली, डीप-सी पोर्ट में निवेश का आकलन.
  • अडानी निवेश हेतु पारदर्शी नीतिगत ढांचा चाहता है.

Gautam Adani Bengal Investment: पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए 2026  के विधानसभा चुनाव के बाद बनी शुभेंदु अधिकारी की नई सरकार राज्य की कायापलट करने में लगी हुई है. इस बीच कई बड़े फैसले भी लिए गए.

राज्य को विकास के रास्ते ले जाने के लिए सरकार की नजर भारी औद्योगिक निवेश पर भी है. इसके चलते खुद मुख्यमंत्री देश के कॉपार्रेट घरानों से मुलाकात कर रहे हैं ताकि न केवल बंगाल की पहचान एक ‘बिजनेस-फ्रेंडली’ राज्य के रूप में हो, बल्कि बड़े निवेश से लोगों को बड़ी संख्या में रोजगार भी मिले और उनकी आर्थिक स्थिति भी सुधरे. 

बंगाल में निवेश की तैयारी 

इस बीच, ऐसी खबरें आ रही हैं कि देश के दिग्गज कारोबारी गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप की तैयारी बंगाल में पांव पसारने की है. न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि अडानी ग्रुप पश्चिम बंगाल में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहता है. ग्रुप की दिलचस्पी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में है, जिसमें हुगली नदी के नीचे बनने वाली सुरंग भी शामिल है. साथ ही, ग्रुप राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक पारदर्शी पॉलिसी फ्रेमवर्क की भी मांग कर रहा है.

हुगली नदी के नीचे टनल

अडानी ग्रुप के अधिकारी ने PTI को बताया कि कोलकाता में ट्रैफिक की बहुत समस्या रहती है. इसके चलते अडानी ग्रुप कोलकाता शहर को सीधे नेशनल हाइवे से जोड़ने और भारी मालवाहक वाहनों को बिना जाम के निकालने के लिए हुगली नदी के नीचे अंडर-रिवर प्रोजेक्ट पर काम करना चाहता है. उन्होंने बताया, ”हम ऐसे प्रोजेक्ट में बहुत दिलचस्पी रखते हैं.” उन्होंने आगे यह भी कहा कि ऐसी पहल बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट करने में ग्रुप की मुख्य क्षमताओं के अनुरूप है.

पावर सेक्टर में भी होगी एंट्री!

अडानी ग्रुप इन दिनों राज्य के पावर जेनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में निवेश का भी मूल्यांकन कर रहा है. उनका मानना है कि इस सेक्टर में निजी कंपनियों के आने से प्रतियोगिता बढ़ेगी, जिससे बिजली की गुणवत्ता में सुधार होगा. इसके अलावा, अडानी ग्रुप पहले ही कह चुका है कि वह राज्य में गहरे समुद्र वाले पोर्ट (डीप-सी पोर्ट) के मौके पर भी विचार करेगा. एक अधिकारी ने बताया, ”डीप-सी पोर्ट एक अच्छा मौका है, लेकिन ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ कई चुनौतियां भी जुड़ी होती हैं, जैसे एनवायरनमेंटल मंजूरी और केंद्र व राज्य के बीच अधिकार क्षेत्र से जुड़े मुद्दे.”

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