मौसम विभाग ने जून-सितंबर 2026 के मानसून कमजोर रहने का अनुमान जताया है। इसके चलते देश के 25 फीसदी हिस्से में सूखा पड़ने की आशंका है। इसका असर फसल उत्पादन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्य कीमतों पर पड़ सकता है। केंद्र सरकार सूखे से होने वाले नुकसान को कम करने की तैयारी में जुट गई है। इस कमजोर मानसून की वजह अल नीनो को बताया जा रहा है।
आखिर अल नीनो क्या है? सरकार की ओर से सूखे को लेकर क्या कहा गया है? मौसम विभाग ने मानसून को लेकर क्या अनुमान लगाया है? मौसम की मार का असर किन फसलों पर सबसे ज्यादा हो सकता है? कमजोर मानसून के चलते महंगाई को लेकर क्या अनुमान है? आइये जानते हैं…


