अगर पिछले कुछ दिनों में आपके स्मार्टफोन पर अचानक से कोई तेज आवाज वाला सायरन बजा है और स्क्रीन पर एक इमरजेंसी अलर्ट का मैसेज फ्लैश हुआ है, तो अब ऐसा कुछ समय के लिए नहीं होगा। भारत सरकार ने इस सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम (Cell Broadcast Alert System) को फिलहाल के लिए रोक दिया है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इस सर्विस को अस्थायी तौर पर सस्पेंड किया जा रहा है। आइए जानते हैं कि यह सर्विस क्या थी, इसे क्यों रोका गया और यह सामान्य SMS से कैसे अलग है।
क्या है सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस?
यह एक खास तरह का अलर्ट सिस्टम है, जिसे सरकार ने मई महीने में ही ऑफिशियली लॉन्च किया था। इसका मुख्य काम किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय लोगों को तुरंत अलर्ट करना है, ताकि वे सुरक्षित स्थानों पर जा सकें। हाल ही में उत्तर भारत में आए तूफान के दौरान कई लोगों को इसके जरिए अलर्ट भेजे गए थे। इस सिस्टम के तहत फोन की स्क्रीन पर सबसे ऊपर एक पॉपअप मैसेज आता है और साथ में एक तेज अलार्म बजता है, जो आपका ध्यान तुरंत खींच लेता है।
इस सेवा को क्यों रोका गया?
NDMA ने फिलहाल इस सेवा को रोकने का कोई एक पक्का कारण नहीं बताया है। हालांकि, प्राधिकरण का कहना है कि यह फैसला सावधानी के तौर पर लिया गया है। माना जा रहा है कि संबंधित सरकारी एजेंसियां मिलकर इस तकनीक और इसके काम करने के तरीके का रिव्यू कर रही हैं, ताकि भविष्य में इसे और बेहतर और सटीक बनाया जा सके। अगले आदेश तक आपके फोन पर ये अलर्ट नहीं आएंगे।
सामान्य SMS से कैसे अलग है यह इमरजेंसी अलर्ट?
एक टेक यूजर के तौर पर आपके मन में सवाल आ सकता है कि सरकार इसके लिए सामान्य SMS का इस्तेमाल क्यों नहीं करती? दरअसल, यह सिस्टम साधारण SMS से कई मायनों में बहुत एडवांस है:
- बिना इंटरनेट के काम: इस अलर्ट के लिए फोन में इंटरनेट या बहुत अच्छे मोबाइल नेटवर्क की जरूरत नहीं होती है।
- रियल-टाइम अलर्ट: भारी नेटवर्क ट्रैफिक होने पर सामान्य SMS अक्सर लेट हो जाते हैं, लेकिन यह ब्रॉडकास्ट मैसेज बिना किसी देरी के तुरंत हर फोन तक पहुंचता है।
- तेज अलार्म और पॉपअप: सामान्य SMS अक्सर हम नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह अलर्ट स्क्रीन पर एक पॉपअप बनकर आता है और तब तक बजता रहता है, जब तक आप इसे देख न लें। कुछ स्मार्टफोन्स में तो यह मैसेज बोलकर भी सुनाया जाता है।
- लोकेशन बेस्ड सिस्टम: यह सिस्टम सिर्फ उसी इलाके के लोगों के फोन पर अलर्ट भेजता है, जहां कोई खतरा होने वाला होता है।
किसने तैयार की है यह तकनीक?
इस खास सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम को C-DOT (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स) ने DoT (दूरसंचार विभाग), NDMA और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर भारत में ही डेवलप किया है। इसका मकसद इमरजेंसी के समय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
