पटना के ऐतिहासिक और सबसे व्यस्त व्यावसायिक परिसरों में से एक, बिस्कोमान भवन में शनिवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब इसकी 13वीं मंजिल पर अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर से ही आसमान में उठता हुआ दिखाई दे रहा था। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सुरक्षा कर्मियों व स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची दमकल की टीमें
आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता और बिस्कोमान भवन की ऊंचाई को देखते हुए तुरंत भारी संख्या में दमकल की गाड़ियों को रवाना किया गया। मौके पर अग्निशमन दस्ते की 5 अत्याधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म (सीढ़ी) गाड़ियां और 12 बड़े वॉटर बाउजर (पानी के टैंकर) पहुंचे। हाई-राइज बिल्डिंग होने के कारण आग बुझाने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए हाइड्रोलिक गाड़ियों की मदद से जवानों ने 13वें फ्लोर तक पहुंच बनाई।
आग पर काबू पाने के लिए घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन
अग्निशमन विभाग के दर्जनों जवानों ने चारों तरफ से मोर्चा संभाला। अंदर भरे धुएं को बाहर निकालने और आग की लपटों को अन्य मंजिलों में फैलने से रोकने के लिए जवानों को घंटों कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। फायर फाइटर्स की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया।
शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए अग्निशमन दस्ते के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बिस्कोमान भवन के 13वें फ्लोर पर स्थित बेल्ट्रॉन (Beltron) ऑफिस से आग की शुरुआत हुई थी। शुरुआती जांच और स्थिति को देखते हुए अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है।
ये भी पढ़ें: वज्रपात या ऐसी अन्य आपदाओं में मौत पर सरकार देती है कितना मुआवजा, कैसे मिलता है और किसे?
दस्तावेज, उपकरण और फॉल्स सीलिंग जलकर नष्ट
अधिकारी ने बताया कि इस अग्निकांड में बेल्ट्रॉन ऑफिस को भारी नुकसान पहुंचा है। कमरे की फॉल्स सीलिंग (False Ceiling) पूरी तरह जलकर नीचे गिर गई। इसके अलावा ऑफिस में रखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य कीमती सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। फिलहाल नुकसान के सटीक आकलन और सुरक्षा ऑडिट के लिए टीम जांच में जुटी हुई है।


