मालवीय नगर इलाके में हुई हालिया आग की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। निगम के जन स्वास्थ्य विभाग ने कर्तव्य में घोर लापरवाही, ढिलाई और भ्रष्टाचार के आरोप में साउथ जोन में तैनात सहायक जन स्वास्थ्य निरीक्षक प्रिंस मन्न की अनुबंधित सेवाओं को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। साथ ही, साउथ जोन उप स्वास्थ्य अधिकारी संजय सिंहा का तबादला कर दिया गया है।
विभागीय आदेश के अनुसार, मालवीय नगर के हौज रानी (269, C-2) स्थित एक परिसर में बिना बैठने की व्यवस्था वाले चाय और स्नैक्स के व्यापार लाइसेंस का आवेदन आया था। उक्त इंस्पेक्टर को 17 मार्च 2026 को इस परिसर का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई थी। परंतु, उन्होंने बिना किसी वैध कारण के इस फाइल को 78 दिनों तक दबाए रखा।
इसके बाद 2 जून 2026 को उन्होंने एक अत्यंत सतही और संदिग्ध जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने जानबूझकर कागजों में दर्ज विवरण और जमीन की वास्तविक कमियों को छुपाया और फर्जी तरीके से लाइसेंस देने की सिफारिश कर दी, जिसके बाद उसी दिन लाइसेंस जारी भी हो गया।
हैरान करने वाली बात यह रही कि इस भ्रामक रिपोर्ट के आधार पर 2 जून को लाइसेंस जारी हुआ और ठीक उसके अगले दिन, यानी 3 जून 2026 को उसी संबंधित परिसर में भीषण आग लग गई। इस हादसे ने निगम प्रशासन और सुरक्षा मानकों की पोल खोल कर रख दी।
निगम द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि कर्मचारी का यह आचरण न केवल उनके काम के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि उनकी ईमानदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसे में उन्हें पद पर बनाए रखना जनहित के खिलाफ होगा।


