लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

सायनी घोष के वो 2 शब्द, जिसने उन्हें करा दिया था गिरफ्तार, जेल जाने की आ गई थी नौबत

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---


Saayoni Ghosh Controversy: पश्चिम बंगाल की मशहूर पॉलिटिशियन और एक्ट्रेस सायनी घोष की इन दिनों जमकर चर्चा हो रही है. इसका कारण है उनका अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत करना. कभी पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की करीबी और खास रही सयानी अब उनके खिलाफ जा चुकी हैं. राजनीति और सिनेमा दोनों में चर्चा में रहीं सायनी कई विवादों का भी हिस्सा बनी हैं. 5 साल पहले उन्हें अपने दो शब्दों के कारण अरेस्ट तक कर लिया गया था और नौबत जेल जाने तक की आ गई थी.

2021 में सायनी ने मचाया था बवाल

कई बंगाली फिल्मों में नजर आ चुकीं सायनी ने साल 2021 में आधिकारिक तौर पर तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा था. तब बंगाल के विधानसभा चुनाव में उन्हें टीएमसी ने आसनसोल दक्षिण सीट से टिकट दिया था, लेकिन वो हार गई थीं. साल 2021 में ही सायनी एक बड़े विवाद में फंस गई थीं.

ये भी पढ़ें: सयानी घोष कौन हैं? कर्ज में डूबी हीरोइन ने ममता बनर्जी को दिया ‘धोखा’, जानें- कितनी है नेटवर्थ

BBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में सायनी घोष ने त्रिपुरा में स्थानीय चुनावों के दौरान बीजेपी की एक नुक्कड़ सभा के पास से गुजरते हुए ‘खेला होबे’ नारा लगाया था. ये नारा उसी दौरान चुनाव में ममता बनर्जी ने दिया था. रिपोर्ट्स में ये भी बताया था कि एक्ट्रेस ने तब त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब की बैठक को बाधित करने का काम भी किया था. वहीं पुलिस के सूत्रों ने जाकारी दी थी कि उनके साथ आए कुछ लोगों ने बैठक में शामिल लोगों पर पत्थर फेंके थे. इससे मामले ने बड़ा रूप ले लिया था और सायनी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा था.

ये भी पढ़ें: सयानी घोष ने छोड़ा ममता बनर्जी का साथ! कभी बताया था भविष्य का PM अब बागी सांसदों के साथ खड़ीं

पुलिस ने किया अरेस्ट, कोर्ट पहुंचा था मामला

सायनी के खिलाफ अगरतला के एक पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करते हुए उन्हें त्रिपुरा पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था. सायनी के जेल जाने तक की नौबत आ गई थी. लेकिन, एक्ट्रेस को इसके कुछ घंटों बाद ही अदालत में पेश कर दिया गया था. जहां से उन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने जमानत दे दी थी. इस मामले के बारे में बात करते हुए सायनी ने इंडिया टुडे से कहा था, ‘जब मैं त्रिपुरा में चुनाव प्रचार कर रही थी तब उन्होंने हमें रोकने के लिए सब कुछ किया. लेकिन पश्चिम बंगाल में ऐसा नहीं है, यहां कोई भी आकर प्रचार कर सकता है.’



Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Leave a Comment