
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
राम चरण की हालिया रिलीज फिल्म ‘पेद्दी’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर बनी हुई है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी दमदार शुरुआत की थी। फिल्म ने तीन दिनों में ही 100 करोड़ का आंकड़ा भी पार कर लिया था। अब वीकेंड के बाद जानते हैं कि कैसा रहा फिल्म का हाल और पांचवें दिन फिल्म ने किया कितना कलेक्शन?

2 of 5
पेद्दी फिल्म ट्रेलर
– फोटो : यूट्यूब ग्रैब
पांचवें दिन की कमाई
वीकेंड पर जबरदस्त कमाई के बाद अब ‘पेद्दी’ के पहले सोमवार की कमाई सामने आ गई है। पांचवें दिन पहले सोमवार को ‘पेद्दी’ की कमाई में भारी गिरावट सामने आई है। फिल्म ने सोमवार को सिर्फ 6.93 करोड़ रुपए ही कमा पाए हैं। ये उसकी शनिवार और रविवार की कमाई (क्रमश: 28.85 और 31.90 करोड़) से काफी कम है। इस तरह से पांच दिनों में फिल्म का कुल कलेक्शन 164.08 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

3 of 5
पेद्दी
– फोटो : एक्स
‘पेद्दी’ का अब तक का कलेक्शन
- ‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर 51 करोड़ रुपए के साथ की थी।
- इससे पहले पेड प्रिव्यू शोज में भी फिल्म ने 18 करोड़ रुपए की कमाई की थी।
- इसके बाद दूसरे दिन फिल्म ने 26.90 करोड़ रुपए कमाए थे। जबकि तीसरे दिन शनिवार को फिल्म की कमाई 28.85 करोड़ रुपए रही थी।
- इसके बाद रविवार को चौथे दिन फिल्म ने सबसे अधिक 31.90 करोड़ रुपए की कमाई की।
- अब आज पांचवें दिन अपने पहले सोमवार को ‘पेद्दी’ की कमाई में भारी गिरावट आई है और फिल्म सिर्फ 6.93 करोड़ रुपए ही हासिल कर पाई है।

4 of 5
फिल्म ‘पेद्दी’
– फोटो : X
‘पेद्दी’ के सामने है इन फिल्मों की चुनौती
बॉक्स ऑफिस पर ‘पेद्दी’ के सामने वरुण धवन की ‘है जवानी तो इश्क होना है’ और बॉबी देओल की ‘बंदर’ जैसी फिल्में मौजूद हैं। हालांकि, ‘पेद्दी’ इन दोनों ही फिल्मों पर अब तक भारी पड़ी है। अब पहले सोमवार को भी ‘पेद्दी’ ने जहां 6.93 करोड़ रुपए की कमाई की है। वहीं ‘है जवानी तो इश्क होना है’ का कलेक्शन सोमवार को सिर्फ 1.81 करोड़ रुपए ही रहा। जबकि ‘बंदर’ सोमवार को सिर्फ 18 लाख रुपए का ही कलेक्शन कर पाई।

5 of 5
पेद्दी
– फोटो : एक्स
ऐसी है ‘पेद्दी’ की कहानी
बुची बाबू सना द्वारा निर्देशित ‘पेद्दी’ की कहानी एक पहाड़ी गांव के दिहाड़ी मजदूर पेद्दी (राम चरण) के इर्द-गिर्द बुनी गई है। पेद्दी जो मन में आता है वो हर काम करता है क्योंकि उसका मानना है कि ‘दोबारा थोड़ी न पैदा होंगे..’। वो खुद को और अपने गांव को पहचान दिलाने के लिए ऊंची जाति और शहरी लोगों से लड़ाई लड़ रहा है।
पेद्दी कमाल का क्रिकेट खेलता है और अपनी ऊपर लगने वाली बोली से पैसे कमाता है पर एक दिन ऊंची जाति के लोग एक होकर उसे हरा देते हैं। पहचान पाने के लिए पेद्दी क्रिकेट छोड़कर, पहलवान बन जाता है ताकि गोल्ड मेडल जीतकर पहचान हासिल कर सके। फिर सम्मान पाने के लिए पेद्दी कुछ ऐसा करता है, जो किसी ने सोचा भी नहीं हाेता।

