बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को मदद देकर तुर्की ने अपना भारत विरोधी रुख दिखाया था. एक बार फिर तुर्की के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के साथ दोस्ती का गुणगान किया और ऐसा बयान दिया जिससे उसकी विदेश नीति में पनपती दोहरी सोच उजागर होती है.
पाक से रिश्तों का किया बचाव
सिंगापुर में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज (IISS) के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने बुधवार (3 जून) को भारत के साथ तुक्री के संबंधो को लेकर बात की तो पाकिस्तान के साथ रिश्तों का भी बचाव करते दिखाई दिए. उन्होंने कहा, भारत को तुर्की और पाकिस्तान के बीच संबंधों से कोई नाराजगी नहीं होनी चाहिए.
‘तुर्की इकलौता देश नहीं जिसके पाक से संबंध’
उन्होंने आगे कहा, ‘तुर्की ही एक इकलौता देश नहीं है, जिसके पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध हैं. कुछ मुद्दों पर ऐतिहासिक रूप से पाकिस्तान के साथ एकजुटता है. उन्होंने कहा, उदाहरण के लिए कुछ मुद्दों पर रूस के साथ, कुछ मुद्दों पर अमेरिका के साथ, कुछ मुद्दों पर कुछ यूरोपीय देशों के साथ हमारे मतभेद हैं, लेकिन हम एक नकारात्मक मुद्दे को दूसरे से अलग करके सकारात्मक एजेंडा पर आगे बढ़ सकते हैं. मेरा मानना है कि तुर्की और भारत के बीच भी यही होना चाहिए.’
भारत को लेकर क्या बोले तुर्की के विदेश मंत्री?
फिदान ने कहा, ‘हम वास्तव में भारत के साथ बेहतर संबंध रखना चाहते हैं. भारत के साथ हमारी कोई सीमा नहीं है, भारत के साथ हमारा कोई बाहरी द्विपक्षीय मुद्दा नहीं है, भारत के साथ हमारा कोई बुरा इतिहास नहीं है. इसके विपरीत, भारत के साथ अच्छे संबंध रखने के हमारे पास सभी ठोस कारण हैं.’
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को समर्थन देने के चलते भारत और तुर्की के बीच संबंधों में खटास आई थी. पहलगाम आतंकी हमले के जवाव में चलाए गए भारत के ऑपरेशन सिंदूर को तुर्की ने ‘बिना उकसावे के किया गया हमला’बताया. इसके बाद भारतीय अधिकारियों ने पिछले साल अंकारा में आयोजित तुर्की के राष्ट्रीय दिवस समारोह में हिस्सा नहीं लिया, जिससे तुर्किए को लेकर भारत की नाराजगी जाहिर होती है.
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