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India @2047: युद्ध से पहले हर दिन निकलते थे 136 जहाज, अब आंकड़ा 0, मोदी के मंत्री ने ABP को बताई होर्मुज की ताजा स्थिति

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ABP India at 2047 Conclave: देशभर में महंगाई का दौर पिछले कई दिनों से देखने को मिल रहा है. जब से ईरान और यूएस का युद्ध शुरू हुआ है, कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है. जिसका असर भारत में भी देखने को मिला है. इसी बीच हाल ही में एबीपी न्यूज के India at 2047 कॉन्क्लेव में भारत के बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री, सर्बानंद सोनोवाल शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसीं शिपों की संख्या के साथ ही पेट्रोल- डीजल के बढ़ते हुए दामों पर भी बात की है.

युद्ध से भारत को कितना नुकसान हुआ?
इस कॉन्क्लेव के दौरान जब मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से पूछा गया कि ईरान और यूएस के युद्ध से भारत को कितना नुकसान हुआ, तब इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि, ‘जियोपॉलिटिकल सिचुएशन के बारे में आपको पता ही है, एक अनुभवी भारतीय होने के नाते आपके पास ये आंकड़ा भी है. मुझे कोई ऐसा आंकड़ा नहीं बताना है जिसका हकीकत के साथ कोई रिश्ता ना हो. देश के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट्र होने के नाते हमारा मूल काम है सामान को एक जगह से दूसरी जगह पर लेकर जाना.’

आगे उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ‘आंकड़ों के बारे में लोग तो कुछ भी बोल सकते हैं लेकिन हकीकत ये है कि हमारे जहाज बहुत जल्दी ही 13 नंबर्स ऑफ एसेंशियल भारत लाने में समर्थ होंगे, जिसमें जरूरी ऊर्जा, एलपीजी, कार्गो लेकर आने वाले हैं.’ 

इतना ही नहीं उन्होंने ये भी बताया कि वो अपने चीफ हेरियर्स (मुख्य वाहक) और अन्य भारतीयों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस स्थिति में करीब 30500 चीफ हेरियर्स फंसे हैं, जिन्हें वापस लाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है.

शिप लाने के लिए दिया टोल?
वहीं बीते दिनों खबरें थीं कि भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अपने शिपों को निकालने के लिए करीब 2 मिलियन डॉलर का टोल देना पड़ा था. इस सवाल के जवाब में मंत्री बोले- ‘नहीं ऐसा नहीं है, हमने किसी को कुछ भी नहीं दिया, ये गलत रिपोर्ट है. हमारे इंडियन फ्लैगशिप में किसी ने भी कोई पैसा नहीं दिया.’

युद्ध से पहले कितने शिप निकलते थे?
वहीं इस दौरान मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ये भी बताया कि ईरान- यूएस के बीच युद्ध शुरू होने से पहले स्ट्रेट ऑफ हर्मुज से करीब 136 जहाज हर रोज निकलते थे. तो वहीं युद्ध शुरू होने के बाद कभी- कभी ऐसा भी होता है कि एक दिन में एक भी शिप नहीं निकल पाता है.

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पेट्रोल- डीजल और गैस पर क्या बोले मंत्री?
इस कॉन्क्लेव के दौरान मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पेट्रोल- डीजल के दामों के बारे में भी बात की. उन्होंने दाम बढ़ने पर कहा कि, ‘ये ग्लोबल क्राइसिस सिर्फ हमारे लिए नहीं दुनिया के लिए है, जो भी हमने कदम उठाया है परिस्थिति के हिसाब से वो जनता की भलाई के लिए ही उठाया है. हमें दुनिया की परिस्थिति को समझते हुए चलना होगा. हम जनता के लिए जो भी उपलब्ध करवा रहे हैं. हमने जनता के लिए कदम उठाए हैं. हम अपने शिप्स को निकालने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं, परिस्थिति ऐसी है, ये पूरी दुनिया की परेशानी है, दुनिया की अलग- अलग जगहों की शिप्स फंसी हुई है, हम अकेले नहीं हैं.’

जब मंत्री जी से आने वाले समय में पेट्रोल- डीजल के दम बढ़ने का सवाल किया, तब उन्होंने इस बात का गोलमोल जवाब दिया. उन्होंने कहा कि ये परिस्थिति ऐसी है जिसे सभी को समझना होगा. हालांकि उन्होंने ये साफ नहीं किया है कि आने वाले समय में और दाम बढ़ेंगे या नहीं.

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