लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

गोलगप्पा और पानी-पुरी को मात देता है पुचका, कोलकाता की गलियों में क्यों फेल हैं दिल्ली और मुंबई के जायके?

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

Phuchka vs Golgappa vs Pani Puri: भारत के हर शहर में आपको गोलगप्पे मिल जायेंगे, लेकिन जो रुतबा और स्वाद कोलकाता के पुचका (Phuchka) का है, वह अद्वितीय है. अक्सर लोग पानी-पुरी, गोलगप्पा और पुचका को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन स्वाद के पारखी लोगों के लिए इनमें जमीन-आसमान का अंतर है.

स्ट्रीट फूड पर क्यों है पुचका का राज

सिटी ऑफ जॉय की सड़कों पर पुचका केवल एक स्ट्रीट फूड नहीं, बल्कि एक भावना है. दिल्ली के आटे वाले गोलगप्पे हों या मुंबई की तीखी पानी-पुरी, कोलकाता के पुचके के सामने सब फीके नजर आते हैं. आइए, जानते हैं कि आखिर क्यों पुचका पूरे भारत के स्ट्रीट फूड पर राज करता है.

पुचका और गोलगप्पा के बुनियादी फर्क

कोलकाता का पुचका अपनी बनावट और भरावन (Filling) के मामले में सबसे अलग है.

  • दिल्ली में सूजी और आटे के गोलगप्पे अलग-अलग मिलते हैं, लेकिन कोलकाता का पुचका सूजी और गेहूं के आटे के एक विशेष अनुपात से बना होता है. यह गोलगप्पे से बड़ा, गहरा और कहीं अधिक कुरकुरा होता है.
  • गोलगप्पे में अक्सर उबले मटर या ठंडे आलू डाले जाते हैं, लेकिन पुचका में मैश किये हुए उबले आलू, काले चने और ढेर सारे मसालों का मिश्रण होता है. इसमें अदरक का पेस्ट और हरी मिर्च का तीखापन इसे बेमिसाल बनाता है.
  • पुचका का पानी इमली (Tamarind) और पुदीने के साथ गंधराज नींबू (Gondhoraj Lemon) की खुशबू से लबरेज होता है, जो इसे पानी-पुरी के मीठे-तीखे स्वाद से बिल्कुल अलग करता है.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

क्यों फेल हैं दिल्ली-मुंबई के जायके?

  • कोई बूंदी नहीं, सिर्फ स्वाद : मुंबई के पानी-पुरी में अक्सर रगड़ा (गर्म मटर) और पानी में बूंदी का इस्तेमाल होता है. इसके विपरीत, पुचका पूरी तरह से देसी मसालों और खट्टेपन पर निर्भर है, जिसमें किसी कृत्रिम फ्लेवर की जगह नहीं होती.
  • सरसों के तेल का तड़का : पुचका के आलू के मसाले में सरसों के तेल की हल्की-सी महक होती है, जो बंगाल के पारंपरिक स्वाद को दर्शाता है. यह ‘किक’ आपको दिल्ली के गोलगप्पे में कभी नहीं मिलेगी.
  • सस्ता और सुलभ : कोलकाता में पुचका आज भी मध्यम वर्ग और छात्रों के लिए सबसे सस्ता और तृप्त करने वाला नाश्ता है.

Phuchka vs Golgappa vs Pani Puri: पुचका खाने का बंगाली तरीका

कोलकाता में पुचका खाना एक कला है. इसे आमतौर पर साल पत्ता (सूखे पत्तों से बने दोने) में परोसा जाता है. पुचका खाने के बाद फ्री में मिलने वाली पापड़ी (बिना पानी वाला सूखा पुचका मसाला) के बिना अनुभव अधूरा माना जाता है. आप पुचका वाले से कहकर पानी को अधिक तीखा (झाल) या खट्टा करवा सकते हैं, जिसे बंगाली में ‘बेसी कोरे टक’ कहा जाता है.

इसे भी पढ़ें

PHOTOS: झारग्राम में सड़क किनारे दुकान में झालमुड़ी खाने पहुंचे पीएम मोदी, जीता लोगों का दिल

पीएम मोदी के झालमुड़ी ब्रेक को ममता बनर्जी ने बताया 10 रुपए वाला स्क्रिप्टेड नाटक

The post गोलगप्पा और पानी-पुरी को मात देता है पुचका, कोलकाता की गलियों में क्यों फेल हैं दिल्ली और मुंबई के जायके? appeared first on Prabhat Khabar.

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

पार्लर वाली दीदी का सीक्रेट अब आपके सामने, अपनाएं ये तरीके और घर पर ही पाएं सैलून जैसे खूबसूरत और शाइनी बाल

पूरा घर बिखरा पड़ा है और रास्ते में हैं मेहमान? सिर्फ 15 मिनट में घर को चमका देंगे ये आसान हैक्स

रात को लेट डिनर करने वालों को जरूर जाननी चाहिए ये बातें, आपकी यह आदत चुपचाप पहुंचा सकती है कई नुकसान

क्या आपके बच्चे भी हर स्नैक के साथ मांगते हैं टोमैटो सॉस? आज ही नोट करें बिना केमिकल्स वाली यह आसान रेसिपी

ये 5 कलर कॉम्बिनेशन पहनेंगे तो हर जगह होगी आपकी तारीफ, लड़कियां भी नहीं हटा पाएंगी आपसे नजर

कुर्सी पर कपड़े छोड़ने की आदत पड़ सकती है भारी, वास्तु शास्त्र में बताए गए हैं इसके चौंकाने वाले नुकसान

Leave a Comment