कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने नीट यूजी पेपर लीक मामले में एक बार फिर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने राजस्थान में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा, नीट पेपर लीक ने लाखों छात्रों का का भविष्य बर्बाद कर दिया। कई बच्चों ने तो अपनी जान तक गंवा दी। मोदी जी ने न जिम्मेदारी ली, न धर्मेंद्र प्रधान को हटाया।
राहुल ने धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग की
लगातार नीट पेपर लीक का मामला उठा रहे राहुल गांधी ने गुरुवार को एक्स पर लिखा, जब मोदी जी इटली में टॉफी खिलाते हुए रील्स बना रहे थे, पेपर लीक से त्रस्त भारत के युवा सड़कों पर न्याय मांग रहे थे। क्योंकि नीट पेपर लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया। कई बच्चों ने तो अपनी जान तक गंवा दी और मोदी जी ने न जिम्मेदारी ली, न धर्मेंद्र प्रधान को हटाया, न एक शब्द कहा।
राहुल गांधी ने आगे लिखा, अब जब छात्र,एनएसयूआई और कांग्रेस के कार्यकर्ता न्याय की आवाज उठा रहे हैं। भाजपा की प्रदेश सरकारें उन पर लाठियां बरसा रही हैं। जो सरकार छात्रों के सवालों का जवाब लाठी से देती है, वो जवाबदेही से नहीं – डर से चलती है। पर हम डरने वाले नहीं हैं। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और देश में पेपर लीक रोकने के लिए एक मजबूत और सुरक्षित सिस्टम नहीं बनता। यह लड़ाई हर उस छात्र के लिए है जिसका भविष्य इस नाकाम सरकार ने चुराया।
राजस्थान में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
इससे पहले आज जयपुर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भाजपा मुख्यालय की ओर मार्च के दौरान पुलिस से झड़प हो गई। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने की। गोविंद सिंह डोटासरा ने पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर मार्च निकाला और नीट में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
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मंगलवार को राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा था, एक भयंकर आर्थिक तूफान सर पर है। 12 साल में मोदी जी ने जो ढांचा खड़ा किया, वह सिर्फ अडानी और अंबानी के लिए था। और, अब वही ढांचा भरभराकर ढहने वाला है। चोट उन्हें नहीं लगेगी, उनके पास निकलने के रास्ते हैं। चोट आपको लगेगी – युवाओं को, गरीबों को, मध्यमवर्ग को, किसानों को, मजदूरों को, छोटे व्यापारियों को – जो कभी इस ढांचे का हिस्सा थे ही नहीं। अपने आसपास देखिए। क्या आप उस ढांचे का हिस्सा हैं या उस तूफान का शिकार?

