बिहार में एक और भ्रष्ट अफसर के पास से लाखों रुपये की संपत्ति मिली है। आरोप है कि उसने नौकरी में रहते हुए अपनी आय से करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्ति जब्त की है। 17 साल की नौकरी में अपनी आय से 81 फीसदी अधिक संपत्ति बना ली। यह कहानी है कि पूर्णिया के बनमनखी निवासी और ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात गोपाल कुमार की। एक दिन पहले यानी शनिवार को आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने पटना और जमुई में एक साथ छापेमारी की तो सबलोग दंग रह गए।

आय से अधिक की संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी
गोपाल कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई को भ्रष्टाचार के जरिए आय से अधिक की संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। शिकायत की जांच की गई। इसके बाद अलग-अलग टीम ने पटना और जमुई में चार ठिकानों पर छापेमारी की। सुबह से रात तक छापेमारी में पता चला कि गोपाल कुमार ने 18 साल की नौकरी में 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति अर्जित की। छापेमारी के दौरान टीम को 48 लाख कैश, 60.47 लाख के जेवर मिले। इतना ही नहीं गोपाल कुमार ने दानापुर में सवा करोड़ रुपये की जमीन भी खरीदी थी। इसमें एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली मकान भी बना रहे थे। इसके अलावा 80 लाख रुपये की एक फ्लैट और मॉल में दो दुकाने में खरीद रखी है। गोपाल को लग्जरी कारों का शौक है। यह भी ईओयू को मिली है। इन सब के अलावा इसमें से 76 लाख रुपये शेयर मार्केट में लगाए हैं।
2008 में सहायक अभियंता के पद पर ग्रामीण कार्य विभाग ज्वाइन किया था
ईओयू के अनुसार, गोपाल कुमार 2008 में सहायक अभियंता के पद पर ग्रामीण कार्य विभाग ज्वाइन किया था तब उनके पास पैतृक घर के अलावा कुछ भी नहीं था। लेकिन भ्रष्टाचार कर गोपाल ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली। ईओयू को पटना और जमुई में छापेमरी के दौरान इतने कैश मिले कि नोट गिनने वाली मशीने मंगवानी पड़ी। इनमें सबसे अधिक पांच सौ रुपये के नोट थे। गोपाल कुमार के खिलाफ कई पॉश इलाके में और हाईवे किनारे भी जमीन में निवेश करने के साक्ष्य मिले हैं। ईओयू ने सभी कैश और जमीन के कागजातों को जब्त कर लिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
