नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई “कर्तव्य” इन दिनों चर्चा में है, लेकिन फिल्म audience को कुछ नया देने में पूरी तरह नाकाम नजर आती है. यह crime drama एक ईमानदार पुलिस अफसर, भ्रष्ट नेता और ऑनर किलिंग जैसे पुराने मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें viewers पहले भी कई फिल्मों में देख चुके हैं. फिल्म की कहानी काफी predictable लगती है और पूरे समय किसी बड़े twist का इंतजार बना रहता है, लेकिन आखिर तक कुछ खास देखने को नहीं मिलता.
फिल्म में सैफ अली खान एक ईमानदार पुलिस अफसर के किरदार में नजर आते हैं और उनकी performance ही फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आती है. उनकी dialogue delivery, screen presence और serious अंदाज कई scenes को बेहतर बनाते हैं. हालांकि strong acting के बावजूद वह कमजोर कहानी को पूरी तरह संभाल नहीं पाते.
वहीं फिल्म में सौरभ द्विवेदी villain के रोल में दिखाई देते हैं, लेकिन उनका किरदार उतना प्रभावशाली नहीं लगता. कई जगह उनका screen presence कमजोर महसूस होता है और audience को उनसे ज्यादा powerful performance की उम्मीद थी. संजय मिश्रा और रसिका दुग्गल अपने roles में decent काम करते हैं, लेकिन उन्हें ज्यादा scope नहीं मिला.
“भक्षक” जैसी फिल्म बना चुके director पुलकित से viewers को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इस बार उनका निर्देशन ज्यादा impact नहीं छोड़ पाता. फिल्म का screenplay और treatment काफी पुराना महसूस होता है, जिसकी वजह से यह crime thriller average बनकर रह जाती है.
कुल मिलाकर “कर्तव्य” एक ऐसी फिल्म है, जिसे सिर्फ सैफ अली खान की दमदार acting के लिए एक बार देखा जा सकता है. अगर आप fresh और engaging crime thriller की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है.
