लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

चीन में नया संघर्ष; रोबोट-ड्रोन से ड्राइवर खतरे में:रोबोटैक्सी और फूड-डिलीवरी ड्रोन तेजी से सड़कों पर कब्जा कर रहे, ट्रेंड का विरोध बढ़ा

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

[

चीन एआई और ऑटोमेशन के दुष्प्रभाव से जूझ रहा है। बड़े पैमाने पर नौकरियां जाने का खतरा मंडरा रहा है। किंगदाओ जैसे शहर ऑटोमेशन और इंसानी संघर्ष की लैब बन गए हैं। महज एक साल पहले इस शहर में ऑटोनॉमस व्हीकल गिने-चुने थे। आज यह दुनिया के सबसे उन्नत शहरों में है। नियोलिक्स कंपनी ने यहां 1,200 मानवरहित डिलीवरी वैन उतारी है। दिसंबर तक इसे बढ़ाकर 4,000 करने का लक्ष्य है। यह शहर उस बदलाव का प्रतीक है, जहां रोबोटैक्सी और फूड-डिलीवरी ड्रोन तेजी से सड़कों पर कब्जा कर रहे हैं। गोल्डमैन सैक्स के आंकड़ों के अनुसार 2025 के अंत तक चीन की सड़कों पर 33,000 शॉर्ट-रेंज डिलीवरी वाहन थे। 2026 के अंत तक मानवरहित कैब 14,000 होने की उम्मीद है। 5 साल में, चीनी शहरों में 7 लाख रोबोटैक्सी होंगी। यह कुल राइड-हेलिंग सेवाओं का 12% होगी। दिग्गज एप मीटुआन का अनुमान है कि वह चीन की 10% क्विक फूड डिलीवरी ड्रोन के जरिए कर सकता है। पिछले वर्ष 6 हजार करोड़ डिलीवरी हुई थीं। इससे ड्राइवरों की रोजी-रोटी छिनने लगी है। ऐसे में चीनी नेतृत्व ने रणनीति बदली है। सरकार ने मार्च में जारी पंचवर्षीय आर्थिक योजना में स्पष्ट कहा कि बड़े पैमाने पर बेरोजगारी के जोखिम को रोकना होगा। अप्रैल में जारी एक मसौदा दस्तावेज में डेवलपर्स को सख्त हिदायत दी गई कि वे रोजगार खत्म करने के इरादे से एआई का इस्तेमाल न करें। रिसर्च फर्म टॉम ननलिस्ट के मुताबिक, चीनी एआई रेगुलेशन में रोजगार बचाने के लिए किया गया अनुरोध दुर्लभ है। इससे पहले नीतिगत स्तर पर मानव श्रम के संरक्षण का ऐसा उदाहरण नहीं मिलता। असली खतरा उन 2.2 करोड़ ड्राइवरों को है जो सवारियां ढोते हैं या ग्राहकों को पार्सल पहुंचाते हैं। तनाव कम करने के लिए मीटुआन जैसी कंपनियां ड्राइवरों को नई भूमिकाओं के लिए प्रशिक्षित कर रही हैं। शंघाई में ड्राइवरों को ड्रोन डिलीवरी संचालित करने, खाना लोड करने और कमांड सेंटर से निगरानी करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। वुहान में ऑटोमेशन कारों से जाम बढ़ रहा, ड्राइवर संगठित हो रहे चीन में ऑटोमेशन की राह आसान भी नहीं है। वुहान जैसे शहरों में, जहां बायडू लगभग 1,000 रोबोटैक्सी चला रहा है, तकनीकी खामियां ट्रैफिक जाम कर रही हैं। मार्च में दर्जनों टैक्सियां अचानक सड़क पर ‘फ्रीज’ हो गईं, जिससे यातायात ठप हो गया। इसके बाद सरकार ने रोबोटैक्सी के नए लाइसेंस पर रोक लगा दी है। इसके अलावा, ड्राइवर अब संगठित होकर विरोध कर रहे हैं। 2024 में वुहान में हुए प्रदर्शनों के बाद, अधिकारियों ने बायडू को अपने रोबोटैक्सी के आंकड़े सार्वजनिक करने से मना कर दिया।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment