प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार की जा रही अपीलों के बीच मध्यप्रदेश में मंगलवार को दो बिल्कुल अलग तस्वीरें सामने आईं। एक तरफ कुछ जनप्रतिनिधि और न्यायपालिका से जुड़े लोग प्रधानमंत्री के संदेश को जमीन पर उतारते दिखाई दिए, तो दूसरी ओर भाजपा विधायक का सैकड़ों वाहनों वाला काफिला चर्चा और सवालों का केंद्र बन गया।
भोपाल में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने सरकारी आवास से मंत्रालय तक इलेक्ट्रिक स्कूटी चलाकर पहुंचे। वहीं मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह ई-रिक्शा से भाजपा कार्यालय पहुंचे। उधर जबलपुर हाईकोर्ट में पदस्थ न्यायमूर्ति द्वारकाधीश बंसल करीब तीन किलोमीटर का सफर साइकिल से तय कर कोर्ट पहुंचे। इन सभी ने अपने-अपने तरीके से ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने की कोशिश की।
लेकिन इसी दौरान शिवपुरी जिले से एक दूसरा दृश्य सामने आया। पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी मंगलवार को करीब सौ वाहनों के विशाल काफिले के साथ करेरा स्थित सिद्ध बगीचा सरकार मंदिर पहुंचे। वहीं दूसरी ओर पाठ्यपुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर 200 से ज्यादा गाड़ियों के काफिले के साथ भोपाल पदभार ग्रहण करने पहुंचे। समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। लोग सवाल उठाने लगे कि जब प्रधानमंत्री खुद ईंधन बचाने की अपील कर रहे हैं, तब नेताओं के बड़े-बड़े काफिले क्या संदेश दे रहे हैं। एक तरफ साइकिल, ई-रिक्शा और बैटरी स्कूटी से सादगी और बचत का संदेश दिखा, तो दूसरी तरफ भारी-भरकम काफिला शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक शो ऑफ के रूप में देखा गया।


