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ईरान ने खारिज किया अमेरिका का शांति प्रस्ताव तो भड़के डोनाल्ड ट्रंप, बोले

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मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष को रोकने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (10 मई) को कहा, जंग को खत्म करने के लिए वाशिंगटन के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया की समीक्षा की है. ट्रंप ने साफ किया कि उन्हें ईरान की प्रतिक्रिया बिल्कुल पसंद नहीं आई. उन्होंने इसे अमेरिका के लिए ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ करार दिया.

ट्रंप का सख्त रुख

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जारी एक बयान में ट्रंप ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया.उन्होंने कहा कि ईरान के प्रतिनिधियों की ओर से दिया गया जवाब उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. ट्रंप ने ईरान पर दशकों से अमेरिका को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए लिखा, ‘ईरान पिछले 47 वर्षों से अमेरिका और पूरी दुनिया के साथ केवल ‘देरी’ करने का खेल खेल रहा है. उन्होंने हमारे महान देश का मजाक उड़ाया है, लेकिन अब वे और नहीं हंस पाएंगे.’

ओबामा पर साधा निशाना

ट्रंप ने इस दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पर भी निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि ओबामा की नरम नीतियों की वजह से ही तेहरान को दोबारा उभरने और शक्तिशाली बनने का मौका मिला.

डोनाल्‍ड ट्रंप ने अपने सोशल मीड‍िया अकाउंट ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्‍ट किया, ‘ईरान पिछले 47 वर्षों से अमेरिका और बाकी दुनिया के साथ खेल खेलता आ रहा है.  हर बार बस टालमटोल करता रहा, ‘आज नहीं, कल’ वाली नीति अपनाता रहा. फिर उसे सबसे बड़ा मौका तब मिला, जब बराक हुसैन ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति बने. ओबामा सिर्फ ईरान के प्रति नरम नहीं थे, बल्कि पूरी तरह उनके पक्ष में चले गए. उन्होंने इजरायल और दूसरे सहयोगी देशों को नजरअंदाज कर दिया और ईरान को फिर से मजबूत होने का बड़ा मौका दे दिया.’

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ईरान ने रखी थीं ये शर्त

पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचे इस प्रस्ताव में ईरान ने कई बड़ी शर्तें रखी थीं. ईरानी समाचार एजेंसी ‘तसनीम’ और अन्य मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने लेबनान सहित उन सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने की मांग की है, जहां इजरायल और ईरान-समर्थित हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष जारी है. इसके अलावा तेहरान प्रतिबंधों से राहत चाहता है.  ईरान चाहता था कि अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को कम से कम 30 दिनों के लिए हटा दे.

प्रस्ताव में तेहरान ने समुद्री मार्गों पर लगी नाकाबंदी को खत्म करने पर जोर दिया गया था. ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के मुताबिक, ईरान ने अपने एनरिच यूरेनियम के भंडार को कम करने और बाकी सामग्री को किसी तीसरे देश को भेजने का प्रस्ताव भी दिया था.

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