पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने राज्य विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया है। लोक भवन, पश्चिम बंगाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह आदेश भारत के संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत प्रदत्त शक्तियों के अनुसार जारी किया गया है।
7 मई 2026 से लागू हुआ आदेश
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा को 7 मई 2026 से प्रभावी रूप से भंग कर दिया गया है। यह कदम संवैधानिक प्रावधानों के तहत लिया गया है। लोक भवन की अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत राज्यपाल को प्राप्त अधिकारों के आधार पर लिया गया है।
Governor of West Bengal, RN Ravi, has issued an Order dissolving the West Bengal Legislative Assembly with effect from 07 May 2026. pic.twitter.com/IuEAylWege
— ANI (@ANI) May 7, 2026
कार्यकाल पूरा होने के बाद फैसला
वर्तमान विधानसभा का गठन मई 2021 में हुआ था, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की थी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हाल ही में संपन्न दो चरणों के चुनाव के बाद विधानसभा का कार्यकाल पूरा हो गया, जिसके बाद इसे औपचारिक रूप से भंग करने का निर्णय लिया गया।
कल भाजपा की विधायक दल की अहम बैठक
इसी पश्चिम बंगाल में शनिवार को शुभेंदु अधिकारी नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए शासित सभी 20 राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, सहयोगी दलों के अध्यक्ष और वरिष्ठ मंत्री शिरकत करेंगे। यह कार्यक्रम कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। इससे पहले, केंद्रीय पर्यवेक्षक गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में शुक्रवार शाम चार बजे विधायक दल की बैठक में नेता का चयन होगा।
टैगोर की जयंती से संदेश देने की कोशिश
तृणमूल कांग्रेस के बंगाली अस्मिता के मुद्दे की प्रभावी रूप से हवा निकालने के लिए भाजपा ने शपथ ग्रहण के लिए रवींद्रनाथ टैगौर की 165वीं जयंती को चुना है। इस दिन 25वां वैशाख है, जो बंगाली कैलेंडर के मुताबिक टैगोर जयंती है। हालांकि अंग्रेजी भाजपा कार्यालय में सीएम पद कैलेंडर के हिसाब से उनकी के दावेदार शुभेदु अधिकारी जयंती 7 मई को होती है
बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे क्या रहे?
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भाजपा ने राज्य में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 207 सीटों पर कब्जा जमाया है। इस जीत के साथ ही भाजपा ने दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर लिया है और बंगाल में टीएमसी के 15 साल के राज को खत्म कर दिया है। दूसरी ओर, ममता बनर्जी की पार्टी महज 80 सीटों पर सिमट कर रह गई है। इस हार के बाद ममता बनर्जी ने अब अपनी पूरी ताकत ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करने में लगाने का संकल्प लिया है।


