
Parenting Tips: आज के समय में ज्यादातर माता-पिता यह शिकायत करते हैं कि उनका बच्चा छोटी से छोटी बात पर भी उन्हें बदतमीजी से जवाब देने लग गया है. कई बार पैरेंट्स से ही ऊंची आवाज में बात करना तो कभी जुबान लड़ाना और कई बार तो गुस्से में आकर गलत शब्दों का भी इस्तेमाल करने लगना. अगर आपका भी बच्चा ऐसा कर रहा है तो आपको इसे बचपने की गलती समझकर कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर आप इन्हें नजरअंदाज करते रहेंगे, तो देखते ही देखते यह उनकी आदत में शामिल हो जाएगी. आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप इस तरह के बच्चों को ज्यादा बेहतर तरीके से हैंडल कर पाएंगे. क्योंकि अगर आप एक गलत तरीका अपना लेते हैं तो बच्चे की आदत और भी ज्यादा बिगड़ सकती है. तो चलिए जानते हैं कि आप किस तरह से बदतमीजी से बात करने वाले बच्चों को बेहतर तरीके से बात और व्यवहार करना सिखा सकते हैं.

गलत व्यवहार के पीछे छिपे कारण को समझें
अगर आपके बच्चे बदतमीजी से बात कर रहे हैं तो आपके लिए यह समझना काफी जरूरी हो जाता है कि आखिर वे ऐसा कर क्यों रहे हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि बच्चे अपने इमोशंस को ठीक से आपके सामने एक्सप्रेस नहीं कर पाते हैं और इसी वजह से गुस्से और फ्रस्ट्रेशन में आकर वे आपसे गलत तरीके से बात करने लग जाते हैं. कुछ मामलों में तो ऐसा भी होता है कि बच्चे आसपास के लोगों से ही गलत व्यवहार करना सीख जाते हैं. जब आपके बच्चे को लगता है कि उसकी बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है, तो वह ज्यादा बदतमीजी से पेश आने लगता है.
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गुस्से में रिएक्ट करने से हालात बिगड़ते हैं
अगर आपका बच्चा आपसे बदतमीजी से बात कर रहा है, तो आपको तुरंत ही उसपर गुस्से में चिल्लाने और डांटने से बचना चाहिए. अगर आप उनपर चिल्ला देते हैं या फिर उन्हें डांट देते हैं तो समस्या का हल नहीं निकलता है. आपकी इस आदत की वजह से बच्चा और भी ज्याद रिएक्टिव हो जाता है और साथ ही उसका व्यवहार और भी ज्यादा खराब भी हो जाता है. जब आप बच्चे के लहजे में ही उसे जवाब देंगे लगेंगे, तो बच्चा भी अपनी इस आदत को नॉर्मल समझने लग जाएगा. अगर आपका बच्चा बदतमीजी कर रहा है तो आपको शांत रहकर उसे समझाने की कोशिश करनी चाहिए.

सही समय पर समझाना है जरूरी
जब आपका बच्चा पूरी तरह से शांत हो जाए, तो यह परफेक्ट समय होता है उसे यह समझाने का कि उसका व्यवहार गलत था. अपने बच्चे को बताएं कि किस तरह के भाषा और व्यवहार का इस्तेमाल करना उसके लिए सही है. बेहतर होगा कि आप उसे एग्जाम्पल देकर चीजों को समझाने की कोशिश करें. जब आप ऐसा करते हैं तो आपका बच्चा समय के साथ सही तरीका सीखने लग जाता है.
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बाउंडरीज सेट करें और रूल्स बनाएं
अगर आपके घर पर बच्चे हैं तो उनके लिए कुछ नियमों का होना काफी ज्यादा जरूरी हो जाता है. उन्हें इस बात की समझ होनी चाहिए कि उनकी बदतमीजी वाली आदत को घर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जिस समय आप इन नियमों को बनाएं तो सख्ती से नहीं बल्कि समझदारी से बनाएं. आपके लिए हर बार उन्हें सजा देना जरूरी नहीं है, बल्कि सही और गलत का फर्क समझना ज्यादा जरूरी हो जाता है.
पॉजिटिव व्यवहार की तारीफ करें
अगर आपका बच्चा आपसे हमेशा अच्छे से बात कर रहा है या फिर शांत रहकर बात कर रहा है, तो आपको बिना देरी किये उसकी तारीफ जरूर करनी चाहिए. जब आप ऐसा करेंगे तो उसे यह समझ में आ जाएगा कि जब वह अच्छा व्यवहार करता है तो आप उसकी तारीफ करते हैं. आपको यह छोटी सी आदत उसे आगे चलकर भी अच्छे से व्यवहार करने के लिए मोटिवेट करेगा.
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