विधानसभा चुनाव से पहले सपा ने छोटे दलों पर फोकस करने का फैसला किया है। पार्टी के पदाधिकारियों को जिलेवार इन दलों के नेताओं को अपने साथ जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। प्रदेश सपा मुख्यालय इस काम की खुद निगरानी कर रहा है। इसके पीछे पार्टी नेतृत्व का प्रयास जनाधार बढ़ाना है।
सपा सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने उन छोटे दलों की फेहरिस्त तैयार की है, जो एक-दो जिलों में ही प्रभाव रखते हैं। लेकिन, कम मार्जिन से जीत-हार वाली सीटों पर उनकी भूमिका अहम हो सकती है। इन दलों को साथ लाने की रणनीति बनाई गई है।
यूपी के अलग-अलग जिलों में सक्रिय अपनी जिंदगी-अपना दल, राष्ट्र उदय पार्टी, भारतीय मानव समाज पार्टी, पिछड़ा दलित विकास महासंघ, गांधीयन पीपुल्स पार्टी, राष्ट्रीय भागीदारी पार्टी, अति पिछड़ा समाज महासभा आदि दलों व सामाजिक संगठनों से सपा लगातार संपर्क बनाए हुए है।


