पुलिस महानिदेशक राहुल प्रकाश के निर्देशन में पुलिस और हाईवे अथॉरिटी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लेन ड्राइविंग सिस्टम लागू किया है। इस पहल का उद्देश्य सड़क हादसों में कमी लाना और ट्रैफिक अनुशासन को मजबूत करना है। अब इस सिस्टम का उल्लंघन करने पर वाहन चालकों के खिलाफ ऑनलाइन चालान किया जाएगा। एक्सप्रेसवे पर बढ़ती दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए आईजी राहुल प्रकाश के निर्देश पर यह व्यवस्था लागू की गई है।
पुलिस अधिकारी लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि ‘मिशन सेफ’ अभियान के तहत लोगों को हाईवे पर निर्धारित लेन में चलने और ओवरस्पीडिंग से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके तहत दौसा पुलिस ने एनएचएआई के साथ मिलकर विशेष अभियान शुरू किया है। बुधवार को बांदीकुई, लक्ष्मणगढ़, रैणी सहित उन क्षेत्रों में, जहां से एक्सप्रेसवे गुजर रहा है, ड्रोन कैमरों से इस नई व्यवस्था की निगरानी की गई।
पढ़ें: प्रतिबंधित क्षेत्र में कैसे पहुंचे वाहन? रणथंभौर सफारी में नियमों की अनदेखी पर जवाब तलब
अभियान के तहत इस तरह लेन निर्धारित की गई
- पहली लेन भारी वाहनों जैसे ट्रक, ट्रेलर और लोडिंग गाड़ियों के लिए है, जिनकी अधिकतम गति सीमा 80 किमी प्रति घंटा तय की गई है।
- दूसरी लेन मध्यम गति वाले वाहनों जैसे बसों के लिए है, जिनकी गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा निर्धारित है।
- तीसरी लेन तेज रफ्तार वाहनों जैसे कार और जीप के लिए है, जिनकी अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा है।
- चौथी लेन ओवरटेकिंग, आपातकालीन सेवाओं और एम्बुलेंस के लिए आरक्षित रखी गई है।
- लेन नंबर 2 और 3 में चलने वाले वाहन जरूरत पड़ने पर लेन नंबर 1 से ओवरटेक कर सकेंगे।
नया सिस्टम लागू
हाईवे अथॉरिटी ने लेन ड्राइविंग नियमों के पोस्टर लगाकर जागरूकता बढ़ाई है और ओवरस्पीडिंग पर निगरानी के लिए कैमरे भी सक्रिय कर दिए हैं। पहले चरण में वाहन चालकों को समझाइश देकर इस सिस्टम की जानकारी दी गई थी। अब चालान प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, पहले एक्सप्रेस-वे पर किसी भी लेन में कोई भी वाहन चलने लगता था, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। इसी को रोकने के लिए यह नया सिस्टम लागू किया गया है।

