देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो एक बार फिर रडार पर है। विमानन नियामक महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो को चेतावनी पत्र जारी किया है। यह मामला दिसंबर 2025 के दौरान सरकार की ओर से घरेलू हवाई किराए पर लगाए गए फेयर कैप यानी हवाई किराए की सीमा के उल्लंघन से जुड़ा है। इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने गुरुवार को इस नियामक कार्रवाई की औपचारिक जानकारी दी है।
क्या है पूरा मामला?
स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, डीजीसीए ने यह कदम उन हवाई किरायों की जांच के बाद उठाया है, जो एयरलाइन ने दिसंबर 2025 में यात्रियों से वसूले थे। उस समय सरकार ने हवाई किरायों के लिए एक निश्चित सीमा तय की थी, जिससे यात्रियों से मनमाना किराया न वसूला जा सके। नियामक ने पाया कि इंडिगो ने कुछ मार्गों पर इन नियमों का पालन नहीं किया था।
डीजीसीए ने एयरलाइन को भविष्य के लिए सख्त हिदायत दी है। नियामक ने स्पष्ट रूप से कहा है कि एयरलाइन को सरकारी आदेशों का पालन करने में अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में नियमों का किसी भी स्तर पर उल्लंघन न हो।
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इंडिगो ने दी सफाई
इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए इंडिगो ने कहा है कि उसे डीजीसीए का पत्र मंगलवार, 21 अप्रैल को प्राप्त हुआ था। कंपनी ने यह भी दावा किया है कि इस कार्रवाई से उसके वित्तीय स्वास्थ्य, परिचालन या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा। एयरलाइन ने नियामक को सूचित किया है कि उसने पहले ही अपनी तरफ से सुधारात्मक कदम उठा लिए हैं। इसके तहत उन यात्रियों को पैसा वापस कर दिया गया है, जिनसे नियमों के विरुद्ध अतिरिक्त किराया वसूला गया था।
शेयर बाजार में गिरावट का दौर
नियामक कार्रवाई की खबर का असर इंडिगो के शेयरों पर भी देखने को मिला। गुरुवार को इंटरग्लोब एविएशन के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 4,567.20 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए। पिछले छह महीनों में इस एविएशन स्टॉक में 20 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। 2026 की शुरुआत से अब तक यह शेयर 10 प्रतिशत नीचे आ चुका है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों में लगभग 18 प्रतिशत की कमी आई है। स्टॉक का 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर 6,232.50 रुपये रहा है, जबकि इसका 52-सप्ताह का निचला स्तर 3,895.20 रुपये दर्ज किया गया है।
ईंधन शुल्क में बढ़ोतरी की मार
नियामक चुनौतियों के बीच इंडिगो ने हाल ही में यात्रियों पर बोझ भी बढ़ाया है। विमानन ईंधन की कीमतों में वैश्विक स्तर पर हुई बढ़त के कारण एयरलाइन ने 2 अप्रैल, 2026 से नई बुकिंग पर ईंधन शुल्क बढ़ा दिया है। यह वृद्धि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों पर लागू की गई है।


