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ईरान की सेना ने खामेनेई सरकार को सत्ता से किया दरकिनार? देश की बागडोर को अपने हाथों में लिया

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US Iran War: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ दूसरे दौर की शांति वार्ता की आशंकाओं के बीच ईरान से एक बड़ी खबर सामने आई है. कई रिपोर्ट्स में यह कहा जा रहा है ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) कथित तौर पर देश की सत्ता की प्रमुख केंद्रों पर अपने कंट्रोल बढ़ा रही है. IRGC की इस कार्रवाई के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान हाशिए पर चले गए हैं और पूरी तरह से राजनीतिक गतिरोध में फंस गए हैं. 

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, IRGC ने राष्ट्रपति की नियुक्तियों और फैसलों पर रोक लगा दी है और देश के सुप्रीम लीडर खामेनेई को एक सुरक्षा घेरे में ले लिया है. इससे ईरानी सरकार का कार्यकारी कंट्रोल अब प्रभावी रूप से अलग हो गया है.

इंटेलिजेंस मिनिस्टर की नियुक्ति पर IRGC की रोक

फॉक्स न्यूज और ईरान इंटरनेशनल के मुताबिक, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पिछले हफ्ते गुरुवार (16 अप्रैल, 2026) को नए इंटेलिजेंस मिनिस्टर यानी खुफिया मंत्री को नियुक्त करने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी यह कोशिश आईआरजीसी के चीफ कमांडर अहमद वाहिदी के हस्तक्षेप के बाद नाकाम हो गई. इसके अलावा, मंत्री पद के लिए सभी प्रस्तावित उम्मीदवारों को खारिज कर दिया गया, जिसमें हुसैन देहगान का नाम भी शामिल है.

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फॉक्स न्यूज के मुताबिक, IRGC के चीफ कमांडर अहमद वाहिदी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा, ‘देश इस वक्त युद्ध के हालातों से गुजर रहा है. इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी और संवेदनशील पोजिशनों का चयन और जांच सीधे तौर पर IRGC की तरफ से किया जाना चाहिए. जब तक कि इस संबंध में आगे कोई नई सूचना न दी जाए.’

ईरान में राष्ट्रपति कैसे करते हैं नियुक्ति?

ईरान के राजनीतिक व्यवस्था के अनुसार, राष्ट्रपति आमतौर पर देश की सर्वोच्च नेता की मंजूरी मिलने के बाद ही खुफिया मंत्रियों को नॉमिनेट करते हैं, क्योंकि देश के प्रमुख सुरक्षा विभागों पर अंतिम अधिकार सुप्रीम लीडर के पास ही होता है.

कहां है सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई?

दरअसल, पिछले कुछ हफ्तों से ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई की स्थिति और ठिकाने के बारे में कोई स्पष्ट और पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है और खुफिया मंत्री की नियुक्ति के लिए सुप्रीम लीडर की मंजूरी बेहद अहम होती है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए IRGC ने राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने उनके पसंदीदा उम्मीदवार की नियुक्ति करने के रोक दिया है.  

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