लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

आरुष की सफलता का फॉर्मूला:फोन से दूरी, दोस्तों से सिर्फ पढ़ाई की चर्चा, कक्षा 7 से तय था Iit बॉम्बे का लक्ष्य – Arush Formula For Success Distancing Himself From His Phone Discussing Studies With Friends In Chandigarh

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

चंडीगढ़ के आरुष सिंघल ने जेईई मेन 2026 में 100 पर्सेंटाइल हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 8 पाकर यह साबित कर दिया कि अनुशासन और फोकस से बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है। उनकी सफलता सिर्फ अंकों की कहानी नहीं, बल्कि उस मजबूत इच्छाशक्ति की मिसाल है जिसमें उन्होंने खुद को सोशल मीडिया से पूरी तरह अलग कर लिया और पढ़ाई को ही प्राथमिकता बनाया।

आरुष बताते हैं कि उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान एक सख्त रूटीन अपनाया। वह नियमित रूप से क्लास अटेंड करते थे और इसके साथ ही रोज कम से कम 6–8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे। पढ़ाई के दौरान वह छोटे-छोटे ब्रेक लेते थे ताकि फोकस बना रहे। उनका मानना है कि लंबे समय तक लगातार पढ़ने से बेहतर है कि दिमाग को बीच-बीच में आराम दिया जाए। उनकी तैयारी का सबसे खास पहलू रहा—सोशल मीडिया से पूरी दूरी। आरुष ने खुद फैसला लिया कि वह तैयारी के दौरान किसी भी तरह के डिजिटल डिस्ट्रैक्शन से दूर रहेंगे। उन्होंने अपना फोन तक अपने माता-पिता को दे दिया और सिर्फ इमरजेंसी में ही उसका इस्तेमाल किया। वह कहते हैं कि जब उन्हें लगा कि फोन और सोशल नेटवर्किंग उनकी तैयारी के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं, तब उन्होंने तुरंत खुद को उससे अलग कर लिया।

आरुष रोजाना वॉक भी करते थे, जिससे उनका दिमाग फ्रेश रहता था। इस दौरान वह अपने दोस्तों के साथ पढ़ाई और कॉन्सेप्ट्स पर चर्चा करते थे, जिससे उन्हें टॉपिक्स को बेहतर समझने में मदद मिलती थी। उनका फोकस हमेशा कंसेप्ट क्लियर करने पर रहा, न कि सिर्फ रटने पर।

आरुष सिंघल, जो श्री चैतन्य के 6 वर्षीय प्रोग्राम के छात्र हैं और भवन विद्यालय, चंडीगढ़ से पढ़ाई कर रहे हैं, ने कक्षा 7 में ही आई आई टी बॉम्बे पहुंचने का लक्ष्य तय कर लिया था। ओलंपियाड्स में भी उनकी शानदार उपलब्धियां रही हैं—आईएनएमओ, आईएनपीएचओ, आईएनसीएचओ और आईएनएओ जैसे एग्जाम के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं और ओसीएससी कैंप में भी हिस्सा ले चुके हैं।

अपनी सफलता का श्रेय वह नियमित मॉक टेस्ट, उनके विश्लेषण और शिक्षकों के मार्गदर्शन को देते हैं। आरुष का कहना है, मैं हमेशा कंसेप्ट्स को समझने पर ध्यान देता हूं और निरंतरता बनाए रखता हूं। सही माहौल और गाइडेंस मिलने से मेरे डाउट्स जल्दी क्लियर हो जाते थे।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

ममता को सता रहा किस बात का डर?:india Bloc की बैठक से एक दिन पहले ही पहुंचीं दिल्ली, Tmc की मीटिंग भी की रद्द – What Mamata Banerjee Afraid Of Arrived Delhi Day Early India Bloc Meeting Tmc Meeting Also Cancelled Rebellion

T20i Captaincy:’किसी की छाया में नहीं रहूंगा’, टी20 टीम के कप्तान बनते ही श्रेयस ने दिखाए तेवर! कही यह बात – Shreyas Iyer Said I Dont Have To Change My Personality For Responsibility As A Captain

Fire In Delhi:न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में घर में लगी भीषण आग, एक बच्चे की मौत; कई के फंसे होने की आशंका, Video – Fire Breaks Out At House In New Friends Colony One Child Dead Several Trapped

Cbse:सीबीएसई Osm विवाद पर राहुल गांधी ने Pm पर निशाना साधा, कहा- पीएम चाहते हैं युवा रील बनाएं और पकौड़े तलें – ‘pm Wants Youth To Keep Making Reels, Fry Pakodas’: Rahul Gandhi Hits Out At Pm Modi On Cbse Osm Row

सीमा विवाद से लेकर व्यापार तक:एस जयशंकर से मुलाकात के बाद बदले नेपाल के सुर, कहा- टकराव नहीं सहयोग चाहिए – Nepal Ater Meeting Jaishankar Over Border Disputes Trade Relations Says It Seeks Cooperation Not Confrontation

Gujarat:सूरत में ज्वेलरी फैक्ट्री में बड़ा हादसा, टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से चार मजदूरों की मौत – Gujarat: Four Workers Die After Inhaling Toxic Fumes At Septic Tank In Surat

Leave a Comment