अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्ध विराम की मियाद 21 अप्रैल को पूरी होने वाली है। इस बीच अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल ईरान से बातचीत के लिए सोमवार देर रात तक पाकिस्तान पहुंच सकता है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस युद्ध को खत्म करने और ईरान से अपनी मांगों को मनवाने की कोशिशों के तहत एक बार फिर बातचीत पर ही जोर देना चाहते हैं। ट्रंप के इस रवैये की यूरोप से लेकर खाड़ी देशों तक ने तारीफ की है। हालांकि, ईरान को लेकर ट्रंप का रुख लगातार ऐसा नहीं रहा है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान एक मौका तो ऐसा आ गया था, जब ट्रंप अचानक हुए कुछ घटनाक्रमों के चलते बुरी तरह बौखला गए थे। आलम यह था कि राष्ट्रपति लगातार अपने सहयोगियों पर चिल्लाते जा रहे थे। नतीजतन उनके सहयोगियों ने उन्हें एक बहुत अहम बैठक वाले कमरे से बाहर तक करने से गुरेज नहीं किया।
इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा खुलासा किया है अमेरिकी अखबार- द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने। अमेरिकी अधिकारियों और व्हाइट हाउस से जुड़े सूत्रों के हवाले से छपी इस रिपोर्ट में ट्रंप के लगातार बदलते रवैये का उदाहरण देने के लिए जिस घटनाक्रम की बात की गई है, वह था- ईरान में एक अमेरिकी एफ-15ई लड़ाकू विमान के क्रैश होने और इसके पायलट-एयरमैन के ईरानी धरती पर फंसने की। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कैसे ट्रंप का अनियंत्रित-बेलगाम व्यवहार उनके प्रशासन, रिपब्लिकन पार्टी और उनके समर्थकों के लिए भी चिंता का विषय बनता चला गया।


