
Middle East Conflict: एक तरफ ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान न्यूक्लियर प्रोग्राम को ईरान का अधिकार बता रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ वार्ता की कोशिशें जोर पकड़ी हुई हैं. अब खबर है कि दोनों देशों के बीच अगले दौर की बातचीत इस्लामाबाद में हो सकती है. हालांकि, किसी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन दूसरे दौर की बातचीत दोबारा टेबल पर लौट सकती है.
नूरखान एयरबेस पर उतरे अमेरिकी सैन्य विमान
पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से अलजजीरा ने बताया कि C-17 ग्लोहबमास्टर III जैसे भारी अमेरिकी सैन्य विमान रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतरें हैं. यह एयरबेस इस्लामाबाद में बेहद करीब है. इसके अलावा एयरपोर्ट से इस्लामाबाद के रेड जोन तक जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया गया है. सुरक्षा के इंतजाम कड़े किए गए हैं.
इनके अलावा सेरेना होटल और मैरियट होटल खाली कराया जा रहा है. यहां सेरेना होटल में पहले दौर की बातचीत 11 अप्रैल को हुई थी. ऐसे में सीजफायर की समय सीमा 21 अप्रैल को खत्म हो रही है. फिलहाल ट्रंप इस सीजफायर को बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं.
इधर, दोनों देशों के प्रतिनिधि पिछले दौर की बातचीत के बाद से लगातार इस्लामाबाद के जरिए संपर्क में हैं.
दोनों देशों को टेबल पर लाने में पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थता की भूमिका
इधर पूरे मामले पर पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है. पाक फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने हाल ही में ईरान का दौरा किया. इस दौरान शांति और बातचीत के जरिए हल निकालने पर उन्होंने जोर दिया.
इधर, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत दिया है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान से किसी तरह का समझौता होता है, तो वे खुद जाकर उस डील पर साइन करेंगे. पिछले 8 हफ्ते से ईरान और अमेरिका में तनाव जारी है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोलकर फिर से बंद कर दिया था.
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