Russian Crude Oil: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की वजह से भारत में कच्चे तेल और LPG की किल्लत देखी जा रही है. जिसके बाद अमेरिका वे भारत को 30 दन की प्रतिबंध छूट दी थी, जो 11 अप्रैल 2026 को खत्म हो चुकी है. इसके बाद अब बड़ा सवाल ये उठता है कि भारत अपने तेल आपूर्ति के लिए कहां से इसे खरीदेगा? हालांकि अब खबरें हैं कि भारत ईरानी तेल की जगह रूसी तेल खरीद सकता है.
अमेरिकी प्रतिबंधों पर निर्भर नहीं है भारत
मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत अपनी आपूर्ति के लिए कच्चा तेल और एलपीजी की खरीद रूस से ही जारी रखेगा. इस रिपोर्ट में अज्ञात आधिकारिक सूत्रों का हवाला देते हुए बताया गया है, भारत की ऊर्जा आयात रणनीति (Energy Import Strategy) एक स्वतंत्र निर्णय है और ये अमेरिकी प्रतिबंधों पर निर्भर नहीं करती है. हालांकि अमेरिका ने प्रतिबंध छूट को बढ़ाने या नए सिरे से शुरू करने का निर्णन नहीं लिया है. भारतीय रिफाइनरियां गैर-प्रतिबंधित संस्थाओं और कंपनियों से पहले की तरह की खरीद नीति को जारी रखने की योजना बना रही हैं.
मिंट ने अपनी रिपोर्ट में एक ऑफिशियल के हवाले से बताया है कि प्रतिबंधों में छूट देना अमेरिका का विशेषाधिकार है और इससे भारत की आयात रणनीति निर्धारित नहीं होती.
सप्लाई जारी रखने तैयार है रूस
वहीं रूस की तरफ से भी भारत में तेल सप्लाई जारी रखने में कोई परेशानी नहीं है.रूसी न्यूज एजेंसी तास के मुताबिक भारत में रूस के राजनयिक डेनिस अलिपोव ने कहा था कि भारत जितनी मात्रा में तेल लेना चाहते है, रूस उतनी सप्लाई के लिए तैयार है. उन्होंने ये भी कहा था कि दुनिया में चाहे कोई भी बदलाव आए लेकिन हम भारत को तेल देना जारी ही रखेंगे.
प्रतिबंध छूट हुई खत्म
अमेरिका ने भारत को ईरानी तेल खरीदने पर 30 दिन की प्रतिबंध छूट दी थी, जो कि अब समाप्त हो गई है. इसके बा अमेरिकी वित्त विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर कर घोषणा की है कि वो ‘आर्थिक रूप से कठोर’ कदम उठाएगा. विभाग ने यs भी घोषणा की है कि वो ईरान की गतिविधियों का समर्थन करने वाले किसी भी देश के खिलाफ एक्स्ट्रा द्वितीयक प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है. हालांकि, उसने रूसी तेल के बारे में इसमें कोई बात नहीं की और चुपचाप इस छूट को समाप्त होने दिया.


