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West Asia Conflict Live:’ईरान यूरेनियम सौंपने को तैयार’; ट्रम्प का बड़ा दावा, तेहरान ने बताया बेबुनियाद – West Asia Conflict Live Updates Us Iran Tension Lebanon Israel Ceasefire Donald Trump Us Navy News In Hindi

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12:47 PM, 17-Apr-2026

ईरान को लेकर ट्रंप ने किया बड़ा दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अपने संवर्धित (एनरिच्ड) यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने पर सहमत हो गया है। यह वही यूरेनियम है जिसका उपयोग परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता काफी नजदीक है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह समझौता हो जाता है, तो तेल की आपूर्ति दोबारा शुरू हो सकती है और क्षेत्र में हालात सामान्य होने लगेंगे। ट्रम्प ने आगे संकेत दिया कि अगर यह समझौता इस्लामाबाद में होता है, तो वह पाकिस्तान की यात्रा भी कर सकते हैं। हालांकि, ईरानी मीडिया ने ट्रम्प के इस दावे को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बिना आधार के बातें कर रहे हैं और वास्तविक स्थिति इससे अलग है।

12:22 PM, 17-Apr-2026

होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर यूरोप तैयार

फ्रांस ने कहा है कि यूरोपीय सहयोगी देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री मार्गों को सुरक्षित करने में सक्षम हैं। फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वौट्रिन ने बताया कि बेल्जियम, नीदरलैंडऔर फ्रांस सहित कई यूरोपीय देशों के पास समुद्री माइंस हटाने (माइन-क्लियरिंग) की क्षमता है, जो इस रणनीतिक जलमार्ग को सुरक्षित बनाने में मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देश इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों के लिए “पूरी तरह समर्थित एस्कॉर्ट सेवाएं” भी उपलब्ध करा सकते हैं। स्ट्रेट को दोबारा खोलने के मुद्दे पर पेरिस में होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी। फ्रांस और यूके संयुक्त रूप से करीब 40 देशों की बैठक की मेजबानी कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य अमेरिका को यह दिखाना है कि सहयोगी देश इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में नेविगेशन की स्वतंत्रता बहाल करने के लिए तैयार हैं।

11:07 AM, 17-Apr-2026

इस्राइल-लेबनान सीजफायर का खाड़ी देशों ने किया स्वागत

इस्राइल और लेबनान के बीच घोषित संघर्ष विराम पर खाड़ी देशों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। साऊदी अरब और ओमान ने इस सीजफायर का स्वागत किया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए संघर्ष विराम के ऐलान का स्वागत करते हुए लेबनान की संप्रभुता और राज्य संस्थाओं के समर्थन की बात दोहराई। साथ ही सऊदी अरब ने कहा कि हथियार केवल राज्य और उसकी वैध संस्थाओं तक सीमित रहने चाहिए। वहीं, ओमान ने भी इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे संभव बनाने में अमेरिका के प्रयासों की सराहना की। ओमान ने सभी पक्षों से अपील की कि वे संघर्ष विराम की शर्तों का पूरी तरह पालन करें और किसी भी तरह के उल्लंघन से बचें।

11:02 AM, 17-Apr-2026

इस्राइल-लेबनान सीजफायर से भारतीय शेयर बाजार में हल्की बढ़त

घरेलू शेयर बाजारों ने शुक्रवार को सपाट शुरुआत की, लेकिन जल्द ही हल्की तेजी देखने को मिली। वैश्विक तेल कीमतों में राहत और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस्राइल-लेबनान के बीच युद्धविराम की घोषणा से बाजार में तेजी आई। बीएसई सेंसेक्स 77,976 पर खुला, जो 12 अंक या 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्शाता है। वहीं एनएसई निफ्टी 30 अंकों, यानी 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,165 पर खुला। कारोबार आगे बढ़ने के साथ बाजार में हल्की तेजी बनी रही। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 142 अंक यानी 0.18 प्रतिशत बढ़कर 78,130 पर पहुंच गया, जबकि 50 शेयरों वाला निफ्टी 28 अंक यानी 0.11 प्रतिशत चढ़कर 24,224 पर कारोबार करता दिखा। एफएमसीजी, एनर्जी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली।

हालांकि, शुरुआती कारोबार में एचडीएफसी लाइफ, विप्रो, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसे शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार की तेजी सीमित रही। ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो माइक्रो-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी माइक्रोकैप 250 इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 250 में भी लगभग 1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

विश्लेषकों का मानना है कि इस्राइल और लेबनान के बीच युद्धविराम से वैश्विक तनाव में कमी आ सकती है, जिससे बाजार को राहत मिली है। हालांकि, उन्होंने निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार की ऊंची अस्थिरता को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करना बेहतर होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के 24,500 के स्तर को मजबूती से पार करने और उस पर टिके रहने के बाद ही नए निवेश की शुरुआत करना उचित रहेगा, क्योंकि इससे बाजार में स्थायी तेजी का संकेत मिलेगा।

तेल बाजार में भी गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.4 प्रतिशत तक गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 2 प्रतिशत गिरकर 92.91 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक बाजारों की बात करें तो वॉल स्ट्रीट सकारात्मक बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 0.26 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.36 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके उलट एशियाई बाजारों में कमजोरी दिखी, जहां निक्केई, कोस्पी और हैंग सेंग में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भारतीय बाजार में 382 करोड़ रुपए की खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने मुनाफावसूली करते हुए 3,400 करोड़ रुपए से अधिक के शेयर बेचे।

10:17 AM, 17-Apr-2026

समुद्री नाकेबंदी जारी रखेगा अमेरिका- नेतन्याहू

ईरान के मुद्दे पर नेतन्याहू ने दावा किया कि ट्रंप ने उन्हें भरोसा दिया है कि वे समुद्री नाकेबंदी जारी रखेंगे और ईरान की बची हुई परमाणु क्षमता को खत्म करने के लिए दृढ़ हैं। नेतन्याहू ने इन कदमों को बहुत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इससे आने वाले वर्षों में सुरक्षा और राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव आ सकता है।

10:15 AM, 17-Apr-2026

दक्षिणी लेबनान में 10KM का सुरक्षा जोन बनाए रखेगा इस्राइल- नेतन्याहू

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्ला के साथ युद्धविराम लागू होने के बाद भी इस्राइल दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर का सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखेगा। उनका यह बयान उस समय आया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम की घोषणा की। यह समझौता नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन के बीच हुआ है और इसे अमेरिकी पूर्वी समय के अनुसार शाम 5 बजे से लागू किया जाना है। नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने हिजबुल्ला की उस मांग को ठुकरा दिया, जिसमें इस्राइली सेना को अंतरराष्ट्रीय सीमा तक पीछे हटने के लिए कहा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्राइली सेना लेबनान के अंदर बनाए गए इस सुरक्षा क्षेत्र में ही तैनात रहेगी। उनका कहना है कि यह सुरक्षा क्षेत्र उत्तरी इस्राइल के इलाकों को हमलों और टैंक रोधी हथियारों से बचाने में मदद करेगा।

नेतन्याहू ने यह भी कहा कि लेबनान के साथ एक ऐतिहासिक शांति समझौता करने का मौका है। उन्होंने बताया कि ट्रंप इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए उन्हें और लेबनान के राष्ट्रपति को बातचीत के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं। नेतन्याहू के अनुसार, यह मौका इसलिए बना है क्योंकि इस्राइल ने लेबनान में ताकत का संतुलन अपने पक्ष में बदल दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक महीने में लेबनान की ओर से सीधे शांति वार्ता के संकेत मिले हैं। उन्होंने बताया कि इन बातचीतों में इस्राइल की दो मुख्य शर्तें होंगी- पहली, हिजबुल्ला को पूरी तरह हथियार छोड़ने होंगे, और दूसरी, एक स्थायी शांति समझौता होना चाहिए।

09:58 AM, 17-Apr-2026

अंतर्राष्ट्रीय बचाव समिति ने इस्राइल और लेबनान के बीच युद्धविराम का किया स्वागत

अंतर्राष्ट्रीय बचाव समिति (आईआरसी) ने इस्राइल-लेबनान युद्धविराम की घोषणा का स्वागत करते हुए इसे ‘उन नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण और लंबे समय से प्रतीक्षित राहत’ बताया है, जिन्होंने हफ्तों तक लगातार हिंसा झेली है। संगठन ने अपने बयान में कहा कि लेबनान में 2,100 से अधिक लोग मारे गए हैं, हजारों लोग घायल हुए हैं और दस लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। संगठन ने बयान में कहा, ‘इस युद्धविराम का उपयोग नागरिकों की सुरक्षा, निरंतर मानवीय सहायता सुनिश्चित करने और स्थायी शांति की नींव रखने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में किया जाना चाहिए।’ संगठन ने सभी पक्षों से संयम बरतने और ऐसे राजनीतिक मार्ग पर चलने का आग्रह किया जो आगे और जानमाल के नुकसान को रोके और संघर्ष के मूल कारणों का समाधान करे।

09:15 AM, 17-Apr-2026

रुबियो और यवेट कूपर ने युद्धविराम और होर्मुज की सुरक्षा पर की चर्चा

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने बताया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान के साथ युद्धविराम को लेकर आगे के कदमों पर चर्चा करने के लिए ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर से बात की। दोनों पक्षों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर चर्चा की ताकि वाणिज्यिक जहाज जलडमरूमध्य से स्वतंत्र रूप से गुजर सकें और ऊर्जा आपूर्ति वैश्विक बाजारों तक पहुंच सके। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुआ युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है।

09:10 AM, 17-Apr-2026

इस्राइल-लेबनान शांति वार्ता पर लेबनान में मतभेद

अमेरिका की तरफ से इस्राइल-लेबनान में युद्धविराम के बाद शांति वार्ता की मेजबानी के प्रस्ताव पर कई गुटों में मतभेद है। कुछ लोग इसे वार्ता की दिशा में एक कदम के रूप में देखते हैं, जिससे पिछले छह हफ्तों के युद्ध से तबाह हुए देश में स्थायी शांति स्थापित हो सकती है। लेकिन कई अन्य लोग, ठीक इसी कारण से, इसे बेहद चिंताजनक मानते हैं – यह विचार कि उनके राष्ट्रपति इजरायल के साथ बातचीत करने के लिए बैठेंगे। और यह 10 दिवसीय युद्धविराम वास्तव में इसके संभव होने के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह लेबनानी संसद के बेहद प्रभावशाली अध्यक्ष नबीह बेरी की एक प्रमुख शर्त थी। वह देश के सबसे वरिष्ठ शिया राजनेता हैं, और उन्होंने लंबे समय से यह कहा था कि गोलीबारी के बीच कोई बातचीत नहीं होनी चाहिए। इसलिए, इस 10 दिवसीय युद्धविराम ने संभावित रूप से इसके लिए रास्ता साफ कर दिया है। लेकिन हिजबुल्ला के भीतर से अभी भी विरोध जारी है। इस युद्धविराम की घोषणा के बाद उन्होंने कहा है कि लेबनानी क्षेत्र पर इस्राइली कब्जे की मौजूदगी लेबनानी लोगों को जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार देती है। और अगर इस्राइल युद्धविराम का उल्लंघन जारी रखता है, तो हिजबुल्ला ने अब तक गोलीबारी नहीं की है, लेकिन यह स्थिति लंबे समय तक नहीं टिक सकती।

09:03 AM, 17-Apr-2026

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस्राइल-लेबनान सीजफायर का किया स्वागत

इस्राइल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। शुक्रवार को दोनों देशों के बीच 10 दिनों का युद्धविराम लागू हो गया। इस सीजफायर की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही कर दी थी। इस कदम का उद्देश्य पिछले एक महीने से जारी हिंसक संघर्ष को रोकना है, जिसमें 2,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। जैसे ही युद्धविराम लागू हुआ, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसका स्वागत किया और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की।

वहीं, अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल-गीत ने इस समझौते को लेबनान के लोगों की पीड़ा कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने सभी पक्षों से तुरंत इसका पालन करने और स्थायी शांति के लिए गंभीर बातचीत शुरू करने का आग्रह किया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने भी इस युद्धविराम का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम समझौते का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युद्ध को रोकना है। मिस्र ने इसे क्षेत्रीय तनाव कम करने और इस्राइली हमलों को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे इस युद्धविराम को स्थायी बनाने, मानवीय सहायता पहुंचाने और विस्थापित लोगों की घर वापसी सुनिश्चित करने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। संयुक्त अरब अमीरात और कतर ने भी इस पहल का समर्थन किया और उम्मीद जताई कि यह क्षेत्र में स्थिरता और स्थायी शांति की दिशा में एक मजबूत आधार बनेगा। बता दें कि नवंबर 2024 से लागू पिछला युद्धविराम भी पूरी तरह सफल नहीं रहा था और लगभग रोजाना हमले जारी रहे। यह संघर्ष 2 मार्च को फिर भड़क गया, जब हिजबुल्लाह ने इस्राइल पर रॉकेट दागे, जिसके जवाब में लेबनान में भारी हवाई हमले किए गए।

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