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94 लाख में बेची प्रॉपर्टी और एक लम्हें में गंवा दिए 21 लाख; जानें फिर कैसे Form 71 ने दिलाई राहत?

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इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT), दिल्ली ने एक फैसला सुनाते हुए कहा कि जब कोई विक्रेता किसी प्रॉपर्टी को बेचता है और असेसमेंट ईयर (AY) 2022-23 में बिक्री की पूरी रकम बताकर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) की रिपोर्ट करता है और बिक्री वाले साल में ही TDS का दावा करता है, तो उसे TDS का क्रेडिट मिलना चाहिए. यह बात तब भी सही मानी जाएगी, भले ही खरीदार ने गलती से यह TDS किसी गलत साल में जमा कर दिया हो.

यह फैसला एक मामले की सुनवाई करते हुए सुनाया गया. इसमें एक NRI ने AY 2022-23 में अपनी कोई प्रॉपर्टी बेची थी. हालांकि, खरीदार ने TDS का भुगतान AY 2023-24 में किया, जिसके चलते आयकर विभाग ने विक्रेता को TDS क्रेडिट देने से मना कर दिया. विक्रेता का 20 परसेंट TDS काटा गया, जिसकी राशि लगभग 20.99 लाख रुपये थी. 

क्या है Form 71? 

Form 71 के तहत आयकर विभाग खरीदार द्वारा TDS जमा में हुई देरी की गलती को सुधारकर विक्रेता को उसका रिफंड पाने में मदद करता है. अगर TDS गलत वित्तीय वर्ष में जमा हो गया है, तो इस फॉर्म की मदद से उसे सही वर्ष के Form 26AS में ट्रांसफर करवाकर टीडीएस का अमाउंट क्रेडिट करा दिया जाता है. आप चाहे तो आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Form 71 फाइल कर सकते हैं. 

क्या है मामला? 

प्रॉपर्टी बेचने वाले शख्स ने सितंबर 2021 में 94.06 लाख में एक प्रॉपर्टी बेची. खरीदार ने 20,99,240 रुपये का टीडीएस काट लिया, लेकिन इसे गलत असेसमेंट ईयर 2023-24 में जमा कर दिया. जबकि विक्रेता ने जब  27 जुलाई, 2022 को असेसमेंट ईयर (AY) 2022-23 के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल किया, जिसमें उसने 4.86 लाख रुपये की टैक्सेबल इनकम दिखाई.

इस 4.86 लाख रुपये की इनकम में से  4.64 लाख रुपये घर की प्रॉपर्टी से हुई इनकम थी. जबकि दूसरे सोर्स से हुई इनकम 32,115 रुपये थी. उसने 5.55 लाख रुपये के लॉन्ग टर्म कैपिटल लॉस और 21.6 लाख रुपये के TDS क्रेडिट का दावा भी किया. इसका मतलब है कि अगर उसे TDS क्रेडिट मिल जाता, तो उसे टैक्स रिफंड मिल जाता. 

TDS क्रेडिट के बिना उसका देय टैक्स 12,301 रुपये था. उनके इनकम टैक्स रिटर्न को प्रोसेस करते समय इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सेंट्रलाइज़्ड प्रोसेसिंग सेंटर ने 21.6 लाख रुपये के उनके दावे के मुकाबले 60,872 रुपये का TDS क्रेडिट मंजूर किया. CPC ने 20.99 लाख रुपये के उस TDS क्रेडिट को मंजूरी नहीं दी, जिसे खरीदार ने प्रॉपर्टी की बिक्री पर काटा और जमा किया था.

कोर्ट ने क्या कहा? 

विक्रेता ने CIT (A) में अपील दायर की, जिसे खारिज कर दिया गया. इसके बाद, उसने ITAT दिल्ली में अपील दायर की. 12 नवंबर, 2025 को कोर्ट ने उसके पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि कैपिटल गेन उसी साल टैक्सेबल होता है, जिस साल संपत्ति का लेनदेन हुआ है. ऐसे में आयकर विभाग को Matching Principle का पालन करते हुए उन्हें उस साल का टीडीएस क्रेडिट कर देना चाहिए. 

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