कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है, ये दुनियाभर में मौत के सबसे बड़े कारणों में से भी एक है। कैंसर को कभी उम्र के आखिरी पड़ाव वाली बीमारी माना जाता था, हालांकि पिछले कुछ दशकों में ये चुपचाप सभी उम्र के लोगों को अपना शिकार बनाती जा रही है।

अध्ययनों में पाया गया है कि जिस तरह से लोगों की लाइफस्टाइल खराब होती जा रही है, उसने कैंसर का खतरा और भी बढ़ा दिया है। तनाव, प्रोसेस्ड फूड, नींद की कमी और स्क्रीन टाइम को भी इस बीमारी को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार पाया गया है।
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लाइफस्टाइल-खानपान की समस्याओं ने हमारे शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा को कमजोर कर दिया है। नतीजतन अब कैंसर के मामले ज्यादा रिपोर्ट किए जा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हालिया अध्ययनों में विशेषज्ञों की टीम ने अलर्ट किया है कि गैर-शादीशुदा लोगों में कैंसर का खतरा ज्यादा हो सकता है।
10 करोड़ से अधिक लोगों पर किए गए अध्ययन में पता चला है कि शादीशुदा लोगों की तुलना में अविवाहितों में कैंसर होने का खतरा 85% तक ज्यादा हो सकता है। अब सवाल ये है कि वैवाहिक स्थिति और कैंसर जैसी बीमारियों का आपस में क्या संबंध हो सकता है? आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं।
