UP Board Result 2026 : यूपी बोर्ड के 52 लाख बच्चों के कब आएंगे नतीजे। (Image soruce : X/upboardpry)
स्कूली बच्चों के नतीजों का सीजन शुरू हो गया है। बिहार बोर्ड के नतीजों के बाद पड़ोसी राज्य यूपी में भी इस बार बोर्ड की परीक्षा दिए बच्चे और उनके पेरेंट्स फाइनल रिजल्ट की तारीखों पर निगाहें गड़ाए हुए हैं। हालांकि अभी यूपी बोर्ड कापियों की चेकिंग जोरशोर से कर रहा है। बोर्ड के मुताबिक यह काम 4 अप्रैल 2026 तक पूरी होने की संभावना है। इसके बार नतीजे घोषित किए जाएंगे।
इस साल यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं क्लास की बोर्ड परीक्षा के लिए 53,37,778 बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें हाईस्कूल के 27 लाख और इंटर के 25 लाख बच्चे शामिल हैं। इस बार 7,998 परीक्षा केंद्रों पर 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 के बीच हुई परीक्षा में बैठे करीब 52 लाख बच्चों को अपने नतीजों का बेसब्री से इंतजार है। पिछले साल 54,37,174 बच्चों ने यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं क्लास की परीक्षा दी थी। यानी बीते साल के मुकाबले इस बार 2 लाख कम बच्चों ने इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। UPMSP के मुताबिक 18 फरवरी 2026 से शुरू हुई 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं 12 मार्च तक यानी 15 दिन तक चली। वहीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 11 मार्च तक यानी सिर्फ 14 दिनों में एग्जाम खत्म हुई।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस बार यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के लिए प्रदेश की 8 जेलों को परीक्षा केंद्र बनाया था। यहां कुल 360 कैदियों ने परीक्षा दी। बोर्ड सचिव भगवती सिंह के मुताबिक फिरोजाबाद, गाजियाबाद, केंद्रीय कारागार बरेली, आदर्श कारागार लखनऊ, केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ (फर्रुखाबाद), बांदा, गोरखपुर और केंद्रीय कारागार वाराणसी जेलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इनमें हाईस्कूल की परीक्षा 176 कैदी, जबकि इंटर के 184 परीक्षार्थी शामिल हुए।
नकल रोकने के लिए CCTV लाइव फीडिंग
बोर्ड परीक्षा की निगरानी के लिए हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगे थे, जिनकी लाइव फीड लखनऊ के दो और प्रयागराज के एक कंट्रोल रूम से हो रही थी। संवेदनशील केंद्रों पर एसटीएफ और एलआईयू तैनात रहे। 20 केंद्रों पर जैमर लगे थे। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए सशस्त्र बल तैनात थे। प्रशासनिक अधिकारियों से रात में स्ट्रांग रूम की रैंडम चेकिंग कराई जा रही है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर बैन है।
हर परीक्षा केंद्र के लिए एक केंद्र व्यवस्थापक, एक वाह्य केंद्र व्यवस्थापक और एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहे। 1210 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 427 जोनल मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए थे। नकल रोकने के लिए 69 मंडलीय और 440 जनपदीय सचल दलों का गठन किया गया था। 75 जिलास्तारीय और 18 वरिष्ठ अधिकारियों को मंडल स्तरीय पर्यवेक्षक के रूप में नामित किया गया था।
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