मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज जंतर मंतर पर प्रदर्शन होना है। प्रदर्शन से पहले ही जंतर-मंतर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। जंतर मंतर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेड लगाए हैं। बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
बृहस्पतिवार को किसी भी आम व्यक्ति को जंतर मंतर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। जंतर मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए हैं। जनपथ की तरफ से आने वाले रास्ते को भी बंद कर दिया गया है। पैदल आने वाले लोगों को भी बैरिकेड के आगे जाने नहीं दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को जंतर-मंतर पहुंचने वाले कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों से अंदर जाने की अनुमति मांगी। उन्हें आगे जाने नहीं दिया गया।
प्रदर्शनकारी बोले, मांगों को लेकर पहुंचेंगे
प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे लोगों के अनुसार, वे अपनी मांगों को लेकर जंतर मंतर पहुंचेंगे। प्रदर्शनकारी राखी ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया वापस लेने और मतदाता सूची से हटाए गए लोगों को फिर शामिल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा।
जंतर-मंतर पर आज प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं, पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई
दिल्ली पुलिस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दो अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है और संभावित भीड़ को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन में करीब 3,000 से 4,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को भी तैनात किया है।
अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसए), राज्यसभा सदस्य मनोज झा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दो अक्टूबर को प्रदर्शन का आह्वान किया है। आयोजकों ने मतदाता सूचियों और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सीईसी कुमार के खिलाफ महाभियोग की मांग की है।
पुलिस ने जंतर-मंतर और नयी दिल्ली जिले के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर बैरिकेड लगाए हैं। प्रवेश और निकास बिंदुओं तथा संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है, ताकि आवाजाही नियंत्रित की जा सके और बिना अनुमति भीड़ एकत्र न हो। प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर आयोजकों ने चुनाव आयोग की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और उसके संचालन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इससे नागरिकों के मतदान के अधिकार को लेकर चिंताएं पैदा हुई हैं।
पूर्व दिल्ली उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लोगों से दो अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। बुधवार को एआईएसए की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, प्रशांत भूषण और मनोज झा ने संवाददाता सम्मेलन कर प्रदर्शन की घोषणा की थी।
प्रदर्शन में लोगों को जुटाने में लगे आप नेता
आम आदमी पार्टी ने लोगों से 2 अक्तूबर को सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पहुंचने का आह्वान किया है। पार्टी ने एसआईआर प्रक्रिया हटाने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन में युवाओं और विभिन्न संस्थाओं से शामिल होने की अपील की है। इस दौरान आप नेता मनीष सिसौदिया, सांसद संजय सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, प्रदेशाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने युवाओं से प्रदर्शन में पहुंचने का आह्वान किया।
आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसौदिया ने कहा कि वोट का अधिकार लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और इसे बचाने के लिए लोगों को जंतर-मंतर पहुंचना चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने एसआईआर के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया और इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर मुद्दा बताया।
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि किसी सरकार को यह भरोसा हो जाए कि चुनाव में उसे जनता के वोट के जरिए सत्ता से हटाया नहीं जा सकता, तो उसकी जवाबदेही प्रभावित होगी। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि वोट का अधिकार नागरिकों को अपनी सरकार चुनने की ताकत देता है और इसे सुरक्षित रखना जरूरी है।


