भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले ने आज, 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. वो काफी टाइम से बीमार थी. मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांस ली. इस खबर से पूरी इंडस्ट्री में शोक की लहर है.
अपनी सुरीली आवाज और अनगिनत सुपरहिट गीतों के जरिए आशा भोसले ने दशकों तक संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से लेकर फिल्मफेयर अवॉर्ड्स तक, उनके नाम कई बड़े सम्मान दर्ज हैं, जो उन्हें संगीत की दुनिया की सबसे महान गायिकाओं में शामिल करते हैं.
आशा भोसले के पास हैं इतने अवॉर्ड्स:
- पद्म विभूषण – 2008
- दादासाहेब फाल्के पुरस्कार – 2000
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ महिला प्लेबैक गायिका) – 1981 और 1986
- फिल्मफेयर पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ महिला प्लेबैक गायिका) – 1968, 1969, 1972, 1973, 1974, 1975 और 1979
- फिल्मफेयर स्पेशल अवॉर्ड (फिल्म ‘रंगीला’) – 1996
- फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड – 2001
- IIFA Awards (सर्वश्रेष्ठ महिला प्लेबैक गायिका) – 2002, फिल्म ‘लगान’ के गीत ‘राधा कैसे न जले’ के लिए
- नाइटिंगेल ऑफ एशिया अवॉर्ड – 1987
- सिंगर ऑफ द मिलेनियम – 2000 (दुबई)
- BBC लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड – 2002

गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी नाम है दर्ज
सिंगर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया जा चुका है. साल 2011 में उन्हें गिनीज ने 20 अलग-अलग भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाना रिकॉर्ड करने के लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया था.

बता दें, 8 सितंबर 1933 को जन्मीं आशा भोसले ने अपने करियर की महज 10 साल की उम्र में की थी. आशा भोसले ने पहला गीत मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ (1943) में गाया था. फिर उन्होंने 1948 में हिंदी फिल्म ‘चुनरिया’ के गीत “सावन आया” से बॉलीवुड में कदम रखा था. उनके गाए कई गाने आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं. ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दम मारो दम’, ‘ये मेरा दिल’, ‘चुरा लिया है तुमने’, ‘इन आंखों की मस्ती के’ और ‘दिल चीज क्या है’ जैसे गीतों ने उन्हें अमर बना दिया.
